मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद शनिवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शाहबेरी गांव में अवैध निर्माण करने वाले 27 बिल्डरों पर केस दर्ज करा दिया। आरोप है कि प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति और नक्शा पास कराए न केवल निर्माण किया गया बल्कि फ्लैट बनाकर लोगों को झांसा देकर बिक्री भी की गई।
मुख्यमंत्री ने शाहबेरी में अवैध निर्माण करने वाले बिल्डरों को चिह्नित कर उनके खिलाफ रासुका लगाने और वर्ष 2014 के बाद तैनात रहे ऐसे अधिकारियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए थे जिन पर निर्माण की जिम्मेदारी थी। ताकि यह पता चल सके कि पुलिस या प्राधिकरण के किस अधिकारी की मिलीभगत से शाहबेरी में अवैध निर्माण किए गए।
इसके बाद से प्राधिकरण ने अवैध निर्मार्णों को गिराने के नोटिस जारी किए हैं, हालांकि अभी किसी भवन को गिराया नहीं गया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सहायक प्रबंधक पीपी मिश्रा ने जिन बिल्डरों पर रिपोर्ट दर्ज कराई है, उनमें गाजियाबाद के 14 बिल्डर हैं। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, हापुड़ व गौतमबुद्ध नगर जिले के बिल्डर हैं।