दिल्ली एयरपोर्ट देश के प्रमुख हवाई कार्गो केंद्रों में शामिल है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में आईजीआई पर करीब 11.09 लाख मीट्रिक टन कार्गो संभाला गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले 10.6 प्रतिशत अधिक था।
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (आईजीआई) पर बढ़ते हवाई कार्गो कारोबार को देखते हुए ट्रांसशिपमेंट सामान की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी। इसके लिए कॉमन ट्रांसशिपमेंट कार्गो सिक्योरिटी होल्ड एरिया (टीसीएसएचए) विकसित किया जाएगा। इसके तहत जरूरी सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। इस क्षेत्र में उस कार्गो को सुरक्षित रखा जाएगा, जिसे एक विमान से उतारकर दूसरे विमान से उसके अगले गंतव्य तक भेजा जाना है।
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ट्रांसशिपमेंट कार्गो वह सामान होता है, जो अपने अंतिम गंतव्य तक सीधे नहीं पहुंचता। रास्ते में किसी एयरपोर्ट पर विमान बदलने के दौरान इसे कुछ समय के लिए सुरक्षित रखना पड़ता है। ऐसे में सामान की निगरानी, सुरक्षा और अधिकृत तरीके से उसकी आवाजाही महत्वपूर्ण हो जाती है। प्रस्तावित टीसीएसएचए इसी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित करेगा।
बढ़ते कार्गो कारोबार के बीच जरूरत बढ़ी
दिल्ली एयरपोर्ट देश के प्रमुख हवाई कार्गो केंद्रों में शामिल है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में आईजीआई पर करीब 11.09 लाख मीट्रिक टन कार्गो संभाला गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले 10.6 प्रतिशत अधिक था।
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एयरपोर्ट की सालाना कार्गो क्षमता करीब 18 लाख टन है। यहां दवाइयों, इलेक्ट्रॉनिक सामान, मशीनरी, औद्योगिक उत्पाद और ई-कॉमर्स से जुड़े माल समेत कई तरह के सामान की आवाजाही होती है। कार्गो कारोबार बढ़ने के साथ ट्रांसशिपमेंट की जरूरत भी बढ़ रही है।