यमुना एक्सप्रेसवे पर मंगलवार शाम को जीरो प्वाइंट से करीब 19 किलोमीटर पर रौनीजा गांव के पास तेज रफ्तार कार डिवाइडर तोड़ती हुई अंडरपास से 24 फुट नीचे जा गिरी।
हादसे में कानपुर निवासी मर्चेंट नेवी के कैप्टन की मौत हो गई और उनका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। कैप्टन एक एनजीओ का संचालन भी करते थे।
पुलिस ने बताया कि कानपुर के थाना किदवईनगर मकान संख्या 533/वाई-1 निवासी मनुज गुप्ता (32) पुत्र जेपी गुप्ता जो कि मर्चेंट नेवी के कैप्टन और दामन वेलफेयर सोसायटी (एनजीओ) के संस्थापक थे।
एक्सप्रेसवे से नीचे सर्विस रोड पर आ गिरी कार
मंगलवार को मनोज अपनी एसएक्स 4 कार से कानपुर से यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते होते हुए दिल्ली जा रहे थे। उन्हें बृहस्पतिवार को आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हरियाणा के कुरुक्षेत्र जाना था।
शाम करीब 6:30 बजे गांव रौनीजा के नजदीक उनकी कार अनियंत्रित हो गई और रेलिंग को तोड़ते हुई एक्सप्रेसवे से नीचे सर्विस रोड पर आ गिरी।
हादसा होते ही कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में मनुज गुप्ता और उनके साथी अनुपम दुबे कार में फंस गए। वहां से होकर गुजर रहे वाहन चालकों ने हुए इस हादसे की सूचना हाईवे कंट्रोल रूम को दी।
दहेज के केस में मनुज को जेल भी जाना पड़ा
हाईवे कर्मचारी मनुज गुप्ता और साथी अनुपम को ग्रेटर नोएडा के कैलाश अस्पताल ले गए, जहां पर मनुज को मृत घोषित कर दिया गया जबकि अनुपम की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे की सूचना मिलने पर परिवार के लोग मौके पर पहुंच गए।
पुलिस के मुताबिक मनुज ने टीएस चाणक्य मुंबई से मर्चेंट नेवी की डिग्री प्राप्त की थी। उनकी शादी कानपुर निवासी एक युवती से हुई थी। लेकिन उनकी पत्नी का परिजनों से कुछ विवाद हो गया।
जिसके बाद पत्नी ने उनके खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करा दिया। मनुज को इसमें जेल भी जाना पड़ा। बाद में मनुज हाईकोर्ट से मुकदमे में बरी हो गए।
उसके बाद उन्होंने दहेज उत्पीड़न के झूठे मामले झेल रहे ऐसे लोगों की सहायता के लिए दो साल पहले दामन नाम से एक एनजीओ की शुरुआत की। कानपुर में वह दहेज एक्ट के दुरुपयोग के खिलाफ समय-समय पर आवाज भी उठाते थे।