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Delhi Blast: पुलिस को धमाके वाली जगह मिले दो कारतूस, अमोनियम नाइट्रेट के अलावा उससे भी घातक विस्फोटक मिला

Tue, 11 Nov 2025 11:25 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

पुलिस के अनुसार, दोनों कारतूस ब्लास्ट साइट से मिले हैं। इसके अलावा दो तरह के विस्फोटक के सैंपल एफएसएल को स्पॉट से मिले हैं। पहला सैंपल संभावित अमोनियम नाइट्रेट जैसा है, जबकि दूसरा सैंपल इससे भी घातक विस्फोटक का है।
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धमाके वाली जगह से मिले दो कारतूस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एफएसएल की टीम को धमाके वाली जगह की जांच के दौरान दो कारतूस मिले हैं। ये कारतूस पुलिस के नहीं हैं। मौके से कारतूस मिलने से पुलिस की जांच का दायरा बढ़ गया है। 

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पुलिस के अनुसार, दोनों कारतूस ब्लास्ट साइट से मिले हैं। इसके अलावा दो तरह के विस्फोटक के सैंपल एफएसएल को स्पॉट से मिले हैं। पहला सैंपल संभावित अमोनियम नाइट्रेट जैसा है, वहीं दूसरा विस्फोटक अमोनियम नाइट्रेट से भी ज्यादा घातक है, जिसकी जांच की जा रही है।

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लाल किले के पास हुए धमाके को लेकर जांच में नया मोड़ आ गया है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि धमाके को अंजाम देने वाला आतंकी डॉक्टर उमर मोहम्मद पहले से ही सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था। सूत्रों की मानें तो फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल का पर्दाफाश होने के बाद वह गिरफ्तारी के डर से हड़बड़ी में दिल्ली पहुंचा और वहां विस्फोट कर दिया। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां सच्चाई का पता लगाने के लिए कई पहलुओं पर जांच कर रही है।

सूत्रों के अनुसार, उमर मोहम्मद कुछ दिन पहले तक फरीदाबाद में ही सक्रिय था। फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल के उजागर होते ही एजेंसियों ने उसकी तलाश तेज कर दी थी। बताया जा रहा है कि जब मॉड्यूल का खुलासा हुआ, उस समय उमर उसी इलाके में मौजूद था।

एजेंसियों की कार्रवाई की भनक लगते ही उसने फरीदाबाद से भागकर दिल्ली का रुख किया और विस्फोटक सामग्री लेकर लाल किले की ओर पहुंच गया। एजेंसियों को आशंका है कि उमर ने घटना को हड़बड़ी और दहशत में अंजाम दिया। उसे डर था कि एजेंसियां उसके करीब पहुंच चुकी हैं और किसी भी समय उसकी गिरफ्तारी हो सकती है। इसलिए उसने अपने आकाओं को दिखाने के लिए कार में विस्फोटक लगाकर धमाका कर दिया।

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आतंकी उमर कार में अकेला था। उसने अपने साथियों की मदद से कार में पहले से विस्फोटक फिट किया था। पुलिस को कार के अंदर भी शव के चीथड़े मिले हैं। धमाके से पहले के सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति को काले रंग का मास्क पहने कार में बैठते देखा गया है। एजेंसियों का मानना है कि यह व्यक्ति उमर ही है। 

सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि कार में मौजूद व्यक्ति वही आतंकी उमर था, लेकिन इसकी पुष्टि अभी बाकी है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से मिले शव के अंशों को जांच के लिए भेजा है। डीएनए जांच से यह पता लगाया जाएगा कि क्या विस्फोट में मारा गया व्यक्ति डॉक्टर उमर मोहम्मद ही था। 

जांच एजेंसियां अब यह भी तलाश रही हैं कि उमर किन लोगों के संपर्क में था और क्या दिल्ली में उसके कोई ठिकाने थे। एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या किसी स्थानीय व्यक्ति या मॉड्यूल ने उसे मदद की थी। एजेंसी का मानना है कि धमाके में स्थानीय व्यक्ति भी उमर के साथ था। 
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दिल्ली में लाल किले के पास लाल बत्ती पर हुए ब्लास्ट में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। धमाके में इस्तेमाल आई20 कार फरीदाबाद के डीलर से चार दिन पहले ही खरीदी गई थी। डीलर को दिल्ली पुलिस अपने साथ ले गई है।

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