पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत और चीन के बीच रिश्तो में आई खटास ने दोनों देशों के कारोबार पर असर डाला था। भारत में चाइना के उत्पादों का जमकर विरोध हुआ था। करीब छह महीने बाद एक बार फिर कारोबार के लिहाज से दोनों देशों की नजदीकियां बढने लगी हैं।
15 अपै्रल से चीन के ग्वांग्झू शहर में आयोजित होने जा रहे इंपोर्ट एंड एक्सपोर्ट फेयर (केंटोन फेयर 2017) में पहली बार हरियाणा की सबसे बड़ी औद्योगिक नगरी फरीदाबाद के उद्यमी शिरकत करेंगे। मैन्युफेक्चरिंग एसोसिएशन फरीदाबाद के नेतृत्व में 27 उद्यमियों का दल 15 अपै्रल को चीन के लिए रवाना होगा।
दल की अगुवाई एमएएफ के पूर्व प्रधान नरेश वर्मा और महासचिव रमणीक प्रभाकर करेंगे। बुधवार शाम नीलम-बाटा रोड स्थित एक होटल में इससे संबंधित बैठक का आयोजन किया गया।
एसोसिएशन के पूर्व प्रधान नरेश वर्मा ने बताया कि 5 मई तक आयोजित होने वाले 121वें केंटोन फेयर में इस बार विश्व के 220 औद्योगिक शहर हिस्सा लेने जा रहे हैं। पहली बार औद्योगिक शहर फरीदाबाद के उद्यमियों का दल इस आयोजन में हिस्सा लेगा।
केंटोन फेयर में विशेष मैन्युफेक्चरिंग इंडस्ट्री से जुड़े लोग अपने उत्पादों का प्रर्शन करेंगे और विश्व स्तरीय आधुनिक तकनीकी को एक मंच पर प्रदर्शित करेंगे। भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय की ओर से इस दल को जाने के लिए मंजूरी दे दी गई है। ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स, गारमेंट्स, शीटमेटल जैसे उद्योगों से जुड़े सबसे ज्यादा प्रतिनिधि इस दल में शामिल हैं।
जीएसटी के फायदे बताए
एमएएफ की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में जिला आबकारी एवं कराधान आयुक्त आरआर नैन ने उद्यमियों को जीएसटी से जुड़े पहलुओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हरियाणा के उद्यमियों को जीएसटी से घबराने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने जीएसटी की पूरी प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की। इस मौके पर एफएएफ के पूर्व प्रधान आरपी बोंदबाल, अमृत कोचर सहित विभाग के अधिकारी भी शामिल हुए।