तावडू खंड़ के गांव डिंगरहेड़ी में हुए दोहरे हत्याकांड़ एवं सामूहिक दुष्कर्म के मामले को लेकर मेवात कारंवा के बैनर तले शहर में कैंड़ल मार्च निकाला गया।
गुडगांव-अलवर रोड पर स्थित अंबेड़कर चौक से शुरु किए गए कैं डल मार्च का समापन लाल कुआं चौक पर हुआ। लोगों ने इस मामले के आरोपियों को फांसी की सजा देने तथा इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की मांग की।
सोमवार की रात्रि को सैकड़ों युवकों ने हाथ में कैंड़ल लेकर कैंड़ल मार्च निकाला। ऐतिहासिक शहर फिरोजपुर झिरका में पहली बार किसी संस्था के तत्वाधान में कैंड़ल मार्च निकाला गया है।
साकरस गांव के पूर्व सरपंच एवं साहित्यकार फजरुद्दीन बेसर ने लाल कुआं चौक पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि डिंगरहेड़ी मामले की पुलिस बारीकी से जांच करे।
उन्होंनें कहा कि पीड़ित पक्ष को इंसाफ मिलना अति आवश्यक है। इस मामले में जो भी आरोपी हैं उनको फांसी की सजा होने के साथ-साथ इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होनी चाहिए। ताकि पीड़ित परिवार को इंसाफ मिलने में देरी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए आज मेवात के सभी 36 बिरादरी के लोग एक मंच पर हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धरना प्रदर्शन से जहां एक ओर चोर, डकैत, अपराधी किस्म के लोगों पर जनता का दबाब बना रहता है वहीं दूसरी ओर पीड़ित पक्ष को भी इंसाफ मिलने की पूरी-पूरी संभावनाएं रहती हैं।
मेवात कारवां के संयोजक डा0 अश्फाक आलम ने कहा कि पीड़ित परिवार को शीघ्र इंसाफ मिले, आरोपी जो भी हों उनको फांसी की सजा हो।
इसके लिए मेवात कारंवा जब तक संघर्ष करता रहेगा जब तक पीड़ितों को इंसाफ नहीं मिल जाता। इस अवसर पर जिला परिषद के सदस्य तारीफ हुसैन, मेवात कारवां के उपाध्यक्ष जाकिर हुसैन, जफरुद्दीन बाघोड़िया, सगीर अहमद, नवडोर संगठन कैथल से सुरेश टाक सहित काफी व्यक्ति मौजूद थे।