इन कॉलोनियों में पहुंच रही टीम
बाहरी दिल्ली के शाहबाद डेयरी, जैन नगर, अगर नगर भाग-1 और 2, प्रवेश नगर, मिर विहार, भाग्य विहार, राजीव नगर, रमेश एंक्लेव, रामा विहार, बवाना गांव, पूठखुर्द, सुल्तानपुर, मुबारकपुर डबास, मुकुंदपुर, सोनिया विहार, फौजी कॉलोनी, मुकुंदपुर भाग-1, लालबाग आजादपुर, केवल पार्क में डॉक्टरों की टीमें पहुंच रही हैं। इन इलाकों को गोद लिया जा चुका है।
समय पर होगी जांच, तभी देंगे मात
डॉ. बीआर आंबेडकर संस्थान रोटरी कैंसर अस्पताल एम्स के निदेशक डॉ. जीके रथ का कहना है कि सामाजिक स्तर पर इस तरह की पहल होना बेहद जरूरी है। यदि कैंसर की समय पर जांच हो तो इसे मात दी जा सकती है। समाज में कैंसर को लेकर काफी भय है, जबकि लोगों को भय खत्म कर समय पर जांच कराते रहने से जानलेवा बीमारी को रोका जा सकता है।
क्या कहते हैं आंकड़े
. साल 2016 में 14 लाख कैंसर के मरीज देश में मिले, इनमें वृद्घि जारी है।
. पिछले 26 साल में कैंसर मरीजों का देश में भार हुआ दोगुना।
. दुनिया में अभी तक कैंसर के करीब 100 तरह के प्रकार आ चुके हैं सामने।
. भारत में 100 में से स्तन, गर्भाश्य, मुंह और फेफड़ों में कैंसर की हिस्सेदारी 41 फीसदी।
. दिल के बाद कैंसर भारत में दूसरा सबसे ज्यादा जान लेने वाला रोग।
. तंबाकू से जुड़ी परेशानी के कारण हर दिन देश में 2500 लोगों की मौत।
. भारत में गर्भाश्य कैंसर से सबसे ज्यादा महिलाओं की हो रही मौत, हर 8 मिनट में एक मौत।
. (आंकड़े भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अध्ययनों के अनुसार)