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शताब्दी में सफर की यात्रियों ने निकाली अजब तरकीब

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रेलवे में सफर के लिए लोगों ने चोरी की अजब तरकीब निकाली है। ऐसे कई मामले आ चुके हैं, जिनमें आरक्षित टिकट को निरस्त कराकर यात्री सफर कर लेते हैं। उत्तर रेलवे के सतर्कता विभाग ने इस तरह के कई मुसाफिरों को पकड़ा है।
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वीआईपी मानी जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन में भी इस तरह का मामला सामने आ चुका है। लगातार हो रही इस तरह की घटना पर रेल प्रशासन को शक हुआ तो रेलवे के सतर्कता विभाग ने छापेमारी अभियान शुरू कर दी है।

बताया जाता है कि सिर्फ अमृतसर शताब्दी एक्सप्रेस में पिछले पांच महीने से चल रहे अभियान में 29 यात्री पकड़े जा चुके हैं जिनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई है।
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चार्ट तैयार होते ही शुरू होता है खेल

रेलवे अधिकारी बताते हैं कि ट्रेन का चार्ट बनने के बाद यात्री अपना अरक्षित टिकट निरस्त कराते हैं। दरअसल इस तरह का ज्यादा खेल ऑनलाइन टिकट बुकिंग में हो रहा है।

चार्ट बनने के बाद यात्री ऑनलाइन टिकट निरस्त करा देते हैं और टीडीआर फाइल कर देते हैं। ऐसी स्थिति में यात्रा भाड़ा का 50 प्रतिशत रकम उनके एकाउंट में वापस चला आता है।

चूंकि चार्ट तैयार होने के बाद वहीं चार्ट ट्रेन के टीटीई को मिलता है। ऐसे में टीटीई को पता ही नहीं चलता है कि टिकट निरस्त हुआ है।
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रेलवे के पास पीएनआर अपडेट करने का सिस्टम ही नहीं

निरस्त कराए गए टिकट का पीएनआर अपडेट करने का रेलवे के पास कोई सिस्टम ही नहीं है। यह फर्जीवाड़ा रेलवे अधिकारियों की छोटी सी लापरवाही से होता है।

चार्ट बनने के बाद कैंसिल कराए गए टिकट और खाली बर्थ का अपडेट यदि रेलवे अधिकारी रखते और टीटीई को अवगत करा देते तो इस तरह का फर्जीवाड़ा नहीं होता।

उत्तर रेलवे के सतर्कता विभाग ने ट्रेनों में छापेमारी शुरू की है, साथ ही टिकट का पीएनआर अपडेट करने का रेलवे के पास कोई सिस्टम नहीं है।
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