वाईएमसीए विश्वविद्यालय में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक कार्यक्रम की योजना व पाठ्यक्रम में संशोधन के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विकल्प आधारित क्रेडिट सिस्टम के अंतर्गत मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक पाठ्यक्रम में बदलाव का निर्णय लिया गया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग ने विश्वविद्यालय को मैकेनिकल इंजीनियरिंग क्षेत्र में अलग पहचान दिलाई है।
उन्होंने आमंत्रित विशेषज्ञों से आग्रह किया कि वह औद्योगिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऐसा पाठ्यक्रम तैयार करें, जिसमें आगामी पांच वर्षो तक निरंतरता बनी रहे।
कार्यशाला में इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट, प्रोडक्शन इंजीनियरिंग, डिजाइन इंजीनियरिंग एवं थर्मल इंजीनियरिंग पर चर्चा हुई। इसमें जामिया मिलिया इस्लामिया, दिल्ली टैक्नोलॉजीकल यूनिवर्सिटी, अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन से जुड़े अकादमिक तथा औद्योगिक विशेषज्ञों ने भाग लिया।
कार्यशाला का आयोजन मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के संकायाध्यक्ष डॉ. तिलकराज की मौजुदगी में किया गया। इस अवसर पर संकायाध्यक्ष संदीप ग्रोवर मौजूद रहे।
सीबीसीएस व्यवस्था से मिलेंगे अधिक विकल्प
विकल्प आधारित क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) के अंतर्गत, मैकेनिकल विभाग कुछ मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेज शुरू करने का प्रस्ताव है, जिसे विद्यार्थी अपने तीसरे से छठे समेस्टर के बीच कभी भी चुन सकते हैं।
मौजूदा पाठ्यक्रम में सभी बेसिक इंजीनियरिंग कोर्सेज तथा एबिलिटी एनहॉसमेंट कम्पलसरी कोर्सेज में क्रेडिट्स को चार से घटाकर तीन करने का निर्णय लिया है। इसी प्रकार डिसिप्लेन स्पेसिफिक इलेक्टिव कोर्सेज चार की जगह पांच तथा जनरल इलेक्टिव कोर्सेज दो की जगह तीन करने का प्रस्ताव है।