गुरूग्राम-विद्यार्थियों और आज की युवा पीढ़ी को संस्कारिक करने के साथ उन्हें नैतिक मूल्यों के प्रति जागरुक करने के मिशन के तहत देशभर में कार्यरत स्वयंसेवी संस्था इनीसिएटिव ऑफ मोरल एंड कल्चरल फाउंडेशन (आईएमसीटी) द्वारा बुधवार को गुरुग्राम के सैक्टर-9 स्थित सिद्वेश्वर स्कूल में आयोजित कार्यशाला में प्रतिभाग किए लगभग 20 स्कूलों के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों और शिक्षकों के साथ उक्त विषय पर गहन मंथन किया गया।
इस अवसर पर बतौर अतिथि पहुंची एसीपी हेडक्वार्टर धारणा यादव ने कहा कि आज की युवा पीढी को पश्चिमी सभ्यता का अनुसरण बंद कर देना चाहिए। उन्होने कहा कि आज की युवा पीढी को मानसिक रूप से स्वस्थ रखने के लिए हमें भारत की प्राचीन संस्कृति का प्रचार प्रसार करने की जरूरत है।
उन्होने कहा कि शिक्षक वर्ग समाज को दिशा देने वाला है तथा विद्यार्थी जीवन में शिक्षक ही बच्चों के भविष्य को संवारने का काम करता है। उन्होने कहा कि एक स्वस्थ समाज की स्थापना और युवा पीढी को संस्कारवान और सभ्य बनाने के लिए स्वयंसेवी संस्था आईएमसीटी के माध्यम से जो प्रयास किए जा रहे है वो सराहनीय है।
उन्होंने कहा कि समाज में व्याप्त पश्चिमी सभ्यता के प्रसार को रोकने के लिए शिक्षको के साथ-साथ अभिभावको को भी प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होने कहा कि पुलिस के साथ-साथ आम नागरिकों का भी कर्तव्य है कि समाज में व्याप्त बुराईयों को दूर करने में अपना योगदान देने का काम करें।
उन्होने बताया कि जिन स्कूलों ने इसमें प्रतिभाग किया उनमें भविष्य में इस विषय पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की प्रगति रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी और इसके बाद उन बच्चों को इस विषय पर आधारित प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। कार्यक्रम के दौरान स्वंयसेवी संस्था आईएमसीटी कार्यकलाप प्रमुख प्रदीप शर्मा, उपाध्यक्ष विनोद शर्मा, कृष्ण कुमार, पुष्पेंद्र राठी, युक्ति मुरारी, ऋतु गोयल, राजू शर्मा, मेनका सेठी, जेके सिंह, श्रवण दूबे नरेश, कुमार आदि उपस्थित रहे।