नियम 134 के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों का निजी स्कूलों में दाखिला सुनिश्चित के लिए दोबारा बच्चों ने टेस्ट दिए, लेकिन अब तक दाखिला नहीं मिल पाया है।
इसको लेकर मिशन तालिम संगठन और अभिभावक आरपार की लड़ाई के मूड में हैं। मिशन तालिम ने बैठक कर अब हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फैसला लिया। मिशन तालिम का आरोप है कि दोनों टेस्टों में उर्तीण करीब 225 बच्चों में से अभी भी 50 से ज्यादा बच्चे दाखिले के लिए ठोकर खा रहे है।
यहां बता दें नियम 134ए के तहत निजी स्कूलों में निशुल्क दाखिले के लिए शिक्षा विभाग ने दो बार लिखित परीक्षाओं का आयोजन किया था।
दोनों परीक्षाओं में करीब 225 विद्यार्थियों 55 फीसद अंक लेकर दाखिले के लिए आवेदन किया। विभाग ने ड्रा निकालकर स्कूल अलॉट किए। लेकिन करीब 50 नौनिहालों और उनके अभिभावक दाखिले के लिए दर-दर की ठोकर खा रहे है।
पास होने के बावजूद नहीं मिला दाखिला
अभिभावकों का कहना है कि सरकार के निर्देश पर दाखिले के लिए नियम 134ए के विरुद्ध कराई गई पहली प्रवेश परीक्षा में पास विद्यार्थियों को अब तक दाखिला नहीं मिला है। अब दूसरी परीक्षा भी हो गई है।
ये विद्यार्थी भी दाखिले के लिए भटक रहे हैं। जबकि स्कूलों में नए सत्र की करीब साढ़े तीन महीने की पढ़ाई हो चुकी है। इस कारण पिछड़े तबके के ये बच्चे पढ़ाई में भी पिछड़ रहे हैं।