दाखिले में जाट आरक्षण को लेकर पेंच फंस गया है। जाट आरक्षण पर हाईकोर्ट के फैसले के इंतजार में इंजीनियरिंग और फार्मेसी से संबंधित सभी काउंसलिंग रद्द कर दिए हैं। हरियाणा तकनीकी शिक्षा तकनीकी शिक्षा सोसाइटी (एचएसटीईएस) को अब चार जुलाई को हाईकोर्ट के आदेश का इंतजार हैं।
काउंसलिंग रद्द होने से 30 हजार से अधिक छात्रों का भविष्य अटका है। दरअसल, हरियाणा सरकार ने जाट समुदाय को बीसी-सी के तहत आरक्षण दिया था, जिसे हाईकोर्ट में एक याचिका के जरिए चुनौती दी गई है। मामला अभी हाईकोर्ट में हैं।
बीसी-सी के 10 फीसदी सीटों के लिए स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण विभाग ने सभी दाखिला प्रक्रिया को रद्द कर दिया है। अब चार जुलाई को हाईकोर्ट के फैसले को देखते हुए विभाग नया शेड्यूल जारी करने में जुटा है।
वहीं, डिग्री कॉलेजों में भी अब इस मामले में पेंच फंसता दिख रहा है। प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए जून के अंत में काउंसलिंग और दाखिला शुरू होना था, लेकिन इस पेंच की वजह से अब तक यह शुरू नहीं हुआ है।
इस चक्कर में सभी छात्र दाखिले का इंतजार कर रहे हैं। इसी चक्कर में निजी कॉलेजों की चांदी हो रही है। बता दें कि प्रदेश के सभी सरकारी कॉलेजों में दाखिले के लिए एचएसटीईएस काउंसलिंग करती है। अभी दाखिले में देरी होने से सत्र लेट होने की संभावना है।
एचएसटीईएस के संयुक्त निदेशक राजेश अग्रवाल ने बताया कि पहले कुछ जातियों को स्पेशल जातियों में आरक्षण था, लेकिन जाट समुदाय को बाद में सरकार ने बीसी-सी में आरक्षण दे दिया था। अब यह मामला हाईकोर्ट में है। इसी वजह से दाखिला के लिए काउंसलिंग रद्द की गई है। जल्द ही नई तारीख आएगी।