दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले की दौड़ में नॉन कॉलिजिऐट वूमेन एजुकेशन बोर्ड (एनसीवेब) में दाखिले के लिए भी टफ फाइट देखने को मिलेगी। इसका अंदाजा एनसीवेब में हुए आवेदनों के आधार पर लगाया जा सकता है। दरअसल, यहां जिस तरह से छात्राओं ने आवेदन किए हैं, उससे एक सीट पर चार से अधिक छात्राएं अपनी दावेदारी कर रही हैं।
एनसीवेब में इस वर्ष लगभग 11,784 सीटों के लिए करीब 50 हजार आवेदन किए गए हैं। इससे साफ है कि एक सीट के लिए 4 छात्राएं दाखिले के मैदान में जोर अजमाइश करेंगी। डीयू की आवेदन प्रक्रिया के साथ ही एनसीवेब में आवेदन की प्रक्रिया भी 13 जून को संपन्न हो चुकी है।
इस बार प्रशासन ने एनसीवेब की आवेदन प्रक्रिया के लिए नई तरह की व्यवस्था की थी। जिससे आवेदक के फीमेल डालने और दिल्ली डालने पर एनसीवेब के लिए भी आवेदन हुआ। अब इन आवेदनों के आधार पर सही डाटा एकत्र कर लिया गया है कि एनसीवेब के लिए कितने आवेदन किए गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बार 50 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। हालांकि यह बीते साल के मुकाबले में कम है।
बीते साल एनसीवेब के लिए 57 हजार से अधिक आवेदन किए गए थे। अब फार्मों की चेंकिंग के आधार पर 01 जुलाई को पहली सूची जारी की जाएगी। एनसीवेब में दाखिले के लिए सबसे अधिक बीए प्रोग्राम की कट ऑफ 87 फीसदी व बीकॉम की 91 फीसदी रही थी।
उल्लेखनीय है कि नॉन कोलिजेएट में ऐसी छात्राएं दाखिला लेती हैं जो कहीं काम करने की इच्छुक होती हैं या हाई कट ऑफ के चलते रेगुलर में दाखिला नहीं ले पाती। यहां बी.ए और बीकॉम कोर्सेज के लिए छात्राओं में जबरदस्त क्रेज रहता है। एनसीवेब की कक्षाएं डीयू के विभिन्न कॉलेजों में ही चलती हैं और डीयू की ही डिग्री प्रदान की जाती है।