दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2016-17 में अंडर ग्रेजुएट कोर्सेज में दाखिले के लिए आवेदन की रेस जारी है। सात दिनों में ही आवेदन का आंकड़ा लगभग 2 लाख तक पहुंच गया है।
डीयू में विभिन्न कोर्सेज में हाई कट-ऑफ की चिंता के चलते कम अंक वाले आवेदन करने से डर रहे हैं। दरअसल, कम अंकों में भी डीयू में दाखिले लेने का सपना पूरा हो सकता है।
दिल्ली विश्वविद्यालय में ऐसे कोर्सेज की कमी नहीं है जिनमें 45-50 फीसदी अंक लाने वालों को दाखिला हो जाता है। यह ऐसे कोर्सेज हैं जिनके माध्यम से छात्र अपने कैरियर को आगे बढ़ा सकते हैं और सिविल सर्विस की तैयारी कर सकते हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय में हिंदी, संस्कृत, पर्शियन व उर्दू जैसे कोर्सेज में दाखिला 45-70 फीसदी पर हो जाता है। शुरुआत की कट ऑफ में भले ही इन कोर्सेज की कट ऑफ थोड़ी ऊंची रहती हो लेकिन दूसरी कट ऑफ के बाद इसमें कमी होने लगती है।
अधिकारी कहते हैं कि भले ही बड़ी संख्या में यहां आवेदन किया जाता हो लेकिन कम अंक वालों के लिए कॉलेजों के दरवाजे खुले हैं। खासकर ऐसे छात्र जिनके 45-70 फीसदी अंक हो वह विभिन्न भाषा वाले कोर्सेज के लिए आवेदन कर सकते हैं।
डीयू के विभिन्न कॉलेजों में हिंदी, संस्कृत, पर्शियन ऐसे भाषा कोर्सेज हैं इनमें छात्र कैंपस कॉलेजों में 50-70 फीसदी पर तो ऑफ कैंपस कॉलेजों में 45-50 फीसदी पर दाखिला पा जाता है।
ऐसे में कम अंक वालों को भी आवेदन करने से बचने की बजाए डीयू में आवेदन जरूर करना चाहिए। डीयू के नामी कॉलेज सेंट स्टीफंस कॉलेज में संस्कृत ऑनर्स में ही 70 फीसदी पर दाखिला हो जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि संस्कृत को लेकर यह समझा जाता है कि इसमें कैरियर नहीं बन सकता। लेकिन संघ लोक सेवा आयोग के इस बार के रिजल्ट को देखें तो 18 छात्र संस्कृत विषय से सफल रहे हैं। उल्लेखनीय है कि डीयू में संस्कृत ऑनर्स के लिए दसवीं तक संस्कृत पढ़ा होना अनिवार्य है।