बोर्ड परीक्षा की तारीख पास आते ही विद्यार्थियों पर अच्छे नंबर लाने का तनाव बढ़ गया है। इस तनाव का प्रभाव उनके रिजल्ट पर न पड़ जाए, इसके लिए अभिभावकों को छात्रों की काउंसलिंग तक करानी पड़ रही है।
हर दिन दो से तीन विद्यार्थी मनोचिकित्सक के पास काउंसलिंग के लिए पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे परीक्षा का तनाव बिल्कुल न लें। मेडिटेशन और योगा से तनाव को दूर किया जा सकता है।
मनोचिकित्सक डॉक्टर आर के बंसल ने बताया कि एग्जाम के तनाव को लेकर हर दिन से दो से तीन छात्र आ रहे हैं। इन छात्रों की तैयारी पूरी होने के बावजूद भी इनके मन में अच्छे नंबर आएंगे या नहीं इसका डर बना हुआ है।
इन बच्चों की काउंसलिंग की गई है। इसके साथ ही अभिभावकों को भी बच्चों से लगातार बातचीत करने के लिए कहा गया है। ताकि वो एग्जाम को लेकर ज्यादा तनाव महसूस न करें। एग्जाम का समय आते ही बच्चे दिन भर पढ़ाई में जुट जाते हैं।
लेकिन दिमाग को आराम देना भी बहुत जरूरी है। कम से कम 6 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए। इसके साथ ही एक घंटे पढ़ाई करने के बाद 10 मिनट का ब्रेक लें। मेडिटेशन और योगा भी कर सकते हैं।
इससे भी बहुत हद तक तनाव दूर होता है। डॉक्टर अजय सक्सेना ने बताया कि घर में पॉजिटिव माहौल बना कर रखें। इसके साथ परीक्षा की तैयारी के बीच रोज आधे घंटे योगा और मेडिटेशन कर सकते हैं।