गांव सराय के एक छात्र का आरोप है कि डाकिया और स्कूल प्रबंधन की लापरवाही से उसे दस माह बाद भी मार्कशीट नहीं मिली है। पीड़ित छात्र का कहना है कि उसने मामले की शिकायत शिक्षा मंत्री, बोर्ड सचिव और मुख्यमंत्री से की है।
पीड़ित कर्मबीर पुत्र रामनिवास गांव सराय ने बताया की वह गांव हसनपुर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बारहवीं कक्षा का छात्र है। वर्ष 2015 में द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा में कैमेस्ट्री विषय में उसकी पांच नंबर से री आ गई थी।
री -आने के बाद उसने बोर्ड में अपने पेपर की री -चेकिंग के लिए आवेदन किया। री-चेकिंग में उसे पास किया गया और हरियाणा बोर्ड की ओर से 31 जुलाई 2015 को उसकी मार्कशीट डाक के माध्यम से विद्यालय भेजी गई।
लेकिन 10 माह बीतने के बाद भी उसे मार्कशीट नहीं मिली। छात्र का कहना है कि इस बारे में जब डाकिया से पूछा तो, डाकिया ने 4 अगस्त 2015 को स्कूल में डाक देने की बात कही। स्कूल के प्रधानाचार्य और स्टाफ से बात की तो उन्होंने डाकिया द्वारा कोई डाक नहीं देने की बात कही।
डाकिया का कहना है कि डाक रिसीव करने वाले के हस्ताक्षर भी उनके पास है। उधर, प्रधानाचार्य सुरेश कुमार का कहना है कि उन्हें डाक नहीं मिली है।