एकेटीयू के शिक्षकों का एक समूह मूल्यांकन और प्रक्टीकल आदि का शुल्क नहीं मिलने पर जल्द ही हाईकोर्ट जाएगा। इस मामले पर बृहस्पतिवार को एक बैठक नोएडा स्थित सेक्टर-62 के एक संस्थान में हुई।
शिक्षकों का आरोप है कि गर्मियों की छुट्टियां तक निरस्त कर दीं और डिजिटल मूल्यांकन कराया गया लेकिन अभी तक उनको प्रक्टीकल और मूल्यांकन का शुल्क नहीं दिया गया है।
दरअसल, पिछले दिनों एकेटीयू की ओर से प्रदेश के सभी संबद्घ कॉलेजों को शासनादेश जारी किया था कि इस बार सेमेस्टर एग्जाम का डिजीटल मूल्यांकन कराया जाएगा। साथ ही मूल्यांकन करने वाले प्रोफेसरों को इस बार गर्मियाें की छुट्टियां भी निरस्त कर दी जाएं। जिससे डिजीटल मूल्यांकन को समय से पूरा कराया जा सके।
परीक्षा होने के बाद छात्रों की कॉपी जांचने की प्रक्रिया के एवज में शिक्षकों को प्रति कॉपी 10 रुपये दिए जाते हैं। एक-एक प्रोफेसर की एक सेमेस्टर में 10 से 20 हजार रुपये तक मूल्यांकन राशि हो जाती है। इससे लाखों रुपये यूनिवर्सिटी पर शिक्षकों का बकाया है।