सीबीएसई और सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रतिबंधित होने के बावजूद सेक्टर 15 स्थित एपीजे स्कूल में कक्षा 11 के छात्र को शारीरिक दंड देने का मामला सामने आया है। अनुशासन के नाम पर छात्र को शिक्षक सहित तीन लोगों ने यातनाएं दीं। पीड़ित छात्र के परिजनों ने शिक्षक और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सेंट्रल थाने में केस दर्ज करवाया है।
सेक्टर 19 में रहने वाले पीड़ित परिवार के मुखिया के मुताबिक घटना 6 फरवरी की है। उनका 15 वर्षीय बेटा स्कूल के ग्राउंड में फुटबॉल खेल रहा था, खेल के दौरान छात्र का एक सहपाठी से झगड़ा हो गया। इस पर स्कूल के अध्यापक एसएन तिवारी और शिक्षिका सतपाल ग्रेवाल ने अनुशासन के नाम पर उनके बेटे को काफी प्रताड़ित किया।
बेटे ने बताया तो उन्होंने स्कूल में संपर्क किया। इस पर स्कूल में दबाव देकर पहले तो फैसला करा लिया,बाद में उनके बेटे को प्रताड़ित किया जाने लगा। उन्होंने इसकी शिकायत 24 मार्च को पुलिस आयुक्त कार्यालय में की थी। मामले की जांच सेंट्रल थाने को सौंपी गई थी।
पुलिस ने तस्दीक के बाद स्कूल की टीचर और प्रबंधन के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम, जान से मारने की धमकी देने आदि धारओं में केस दर्ज किया है। इस मामले में स्कूल के प्रधानाचार्य हरीओम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, उनके कार्यालय का फोन रिसीव करने वाली महिला ने बात कराने से इनकार कर दिया।