निजी स्कूलों में आरक्षित श्रेणी (नियम 134 ए) के तहत कितने दाखिले हुए इसकी जानकारी शिक्षा विभाग को भी नहीं है। बच्चों को दाखिला दिलाने के नाम पर विभाग के अधिकारी महज खानापूर्ति करते दिख रहे हैं।
बता दें कि निजी स्कूलों में आरक्षित श्रेणी की सीटों पर दाखिले के लिए 16 अप्रैल को मूल्यांकन परीक्षा हुई। इसमें जिले के 961 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। 365 बच्चों ने परीक्षा पास की। दाखिला प्रक्रिया 19 से 25 अप्रैल तक आयोजित की गई। लेकिन, पहले चरण के ड्रॉ के आधार पर दाखिला प्रक्रिया की शुरुआत से अंत तक जिला शिक्षा विभाग का लापरवाह रवैया अभिभावकों की परेशानी का सबब बना रहा।
अभिभावकों ने बच्चों को दाखिला देने में स्कूल के आनाकानी करने की शिकायतें भी दीं। लेकिन, विभाग ने पत्राचार के अलावा कोई ठोस कदम नहीं उठाए। अब पहले चरण के दाखिले की समयसीमा खत्म हो चुकी है। वहीं विभाग के अधिकारियों को अब तक इस बात की जानकारी नहीं है कि 365 में आखिरकार कितने बच्चों को दाखिला मिल पाया है।
हालांकि, अब अधिकारी निजी स्कूलों को पत्र जारी कर इसकी रिपोर्ट मांगने की बात कह रहे हैं। लेकिन सत्र शुरू हुए महीनाभर बीत चुका है। यही हाल रहा तो आधा सत्र निकल जाने पर भी दाखिले के नाम पर भागदौड़ जारी रहेगी।
हरियाणा बोर्ड के विद्यार्थी को सीबीएसई स्कूल आवंटित
इस बार ब्लॉक शिक्षा कार्यालय की तरफ से स्कूलों को आवंटित किया गया था। ऐसे में कुछ विद्यार्थी के साथ यह समस्या सामने आई है कि हरियाणा बोर्ड से पढ़ाई कर विद्यार्थियों को सीबीएसई का स्कूल आवंटित कर दिया गया। ऐसे में अब उसे 1 मई को होने वाले ड्रॉ के लिए इंतजार करना पड़ेगा या किसी अन्य स्कूल में दाखिला लेना होगा।