दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2017-18 में एमफिल, पीएचडी, पोस्ट ग्रेजुएशन और अंडर ग्रेजुएशन में दाखिले में ऑफलाइन सेंटर सहित अन्य मांगों को लेकर एनडीटीएफ (नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट), डूसू , एबीवीपी (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ) ने कुलपति कार्यालय के बाहर विरोध जताया। इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों ने कुलपति कार्यालय का गेट तोड़ दिया। कुलपति कार्यालय में हंगामा करने के चलते पुलिस ने एबीवीपी के करीब 20 प्रदर्शनकारी छात्रों व कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, जहां बाद में छोड़ दिया गया।
एनडीटीएफ के अध्यक्ष प्रो. एकके भग्गी के मुताबिक, ऑर्ट्स फैकल्टी के बाहर एबीवीपी के सहयोग के साथ अपनी दो प्रमुख मांगों के साथ शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया गया। हमारी मुख्य मांग थी कि पीएचडी, एमफिल, पोस्ट ग्रेजुएशन और अंडर ग्रेजुएशन में जिन कोर्स में प्रवेश परीक्षा से दाखिला मिलता है, वह ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन भी हो। क्योंकि विश्वविद्यालय प्रबंधन इस वर्ष से इन प्रवेश परीक्षा का आयोजन पूरी तरह से ऑनलाइन करने जा रहा था।
दूर-दराज के इलाकों से डीयू में दाखिले लेने वाले ऐसे छात्रों को ऑनलाइन एंट्रेस से दिक्कत होती, क्योंकि हर छात्र कंप्यूटर फ्रेंडली नहीं हो सकता है।
हालांकि विरोध के बाद अब पीएचडी, एमफिल, पोस्ट ग्रेजुएशन और अंडर ग्रेजुएशन के उन सभी एंट्रेस एग्जाम का ऑफलाइन सेंटर दिल्ली में बनाने पर सहमति मिल गयी है। इसके अलावा दूसरी मांग अंडर ग्रेजुएशन के आवेदन पत्र की फीस सौ से बढ़ाकर डेढ़ सौ करने की तैयारी है। इसका भी हम विरोध कर रहे हैं।
एबीवीपी के प्रदेश मंत्री भरत ने बताया कि हमारी मांग अभी भी अधूरी पूरी हुई है। दिल्ली में ऑफलाइन सेंटर बनाने का छात्रों को कोई लाभ नहीं मिलेगा। क्योंकि दिल्ली के आसपास से आने वाले छात्र इंटरनेट फ्रेंडली होंगे, जबकि डीयू कोल् ऐसे इलाकों में ऑफलाइल एंट्रेस एग्जाम सेंटर बनाना चाहिए था, जहां ऐसे छात्र रहते हैं।