केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से एआईपीएमटी-2015 में अनुचित साधनों का प्रयोग करने के कारण परीक्षा देने से रोके गए छात्र अब राष्ट्रीय पात्रता व परीक्षा (नीट 2017) भी नहीं दे पाएंगे।
दरअसल, पहले के प्रयासों के बावजूद नीट-2017 को ही सभी उम्मीदवारों के पहले प्रयास के रूप में गिना जाएगा, लेकिन इस बदलाव से उन उम्मीदवारों को राहत नहीं मिलेगी, जिन पर 2015 में एआईपीएमटी देने पर रोक लगाई गई थी।
सीबीएसई ने वर्ष 2015 में एआईपीएमटी के सुचारु संचालन को लेकर इस परीक्षा में 40 से अधिक छात्रों के बैठने पर रोक लगा दी थी। 3 मई 2015 को हुई एआईपीएमटी में ये छात्र परीक्षा देने बैठे थे, जिसमें बोर्ड ने इन्हें अनुचित साधनों के इस्तेमाल में लिप्त पाया था।
इसके बाद दोबारा 25 जुलाई 2015 को हुई परीक्षा में इनके बैठने पर रोक लगा दी गई थी। ऐसे मेें अब जब नीट-2017 को उम्मीदवारों के पहले मौके के रूप में गिना जाएगा, लिहाजा ये कयास लग रहे थे कि इन छात्रों को भी नीट देने का अवसर मिल सकता है। लेकिन इस संबंध में बोर्ड ने साफ कर दिया है कि ये परीक्षा देने से रोके गए छात्र हैं। यह रोक उन पर स्थायी रूप से लगाई गई है। ऐसे में इन्हें दोबारा परीक्षा देने का अवसर नहीं दिया जाएगा।