एनडीएमसी के स्कूलों में अब बच्चों को ब्लैक बोर्ड, कॉफी, बुक के माध्यम से नहीं, बल्कि टैबलेट की मदद से पढ़ाया जाएगा। एनडीएमसी टैबलेट आधारित स्मार्ट कक्षाओं के माध्यम से शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए खान एकेडमी ऑफ इंडिया की मदद लेगी।
उसने मंगलवार को अपने स्कूलों में यह तकनीक शुरू करने के लिए उसके साथ समझौता किया। समझौते पर एनडीएमसी की सचिव चंचल यादव और खान एकेडमी ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक संदीप बापना ने हस्ताक्षर किए।
इस मौके पर चंचल यादव ने बताया कि शुरूआत में 28 स्कूलों में टैबलेट आधारित स्मार्ट कक्षाओं में शिक्षा दी जाएगी, इससे डेढ़ सौ शिक्षकों और 11 हजार बच्चे लाभांवित होगे।
इस तकनीक से बच्चों के सीखने की प्रवृति में गुणात्मक परिवर्तन आएगा, क्योंकि एनडीएमसी अपने स्कूलों में पहले से ही स्मार्ट कक्षाओं का शुभारंभ कर चुका है, जिसके अच्छे परिणाम आने लगे हैं।
उन्होंने बताया कि नई प्रौद्योगिकी के माध्यम से प्राथमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में समावेशी और न्यायसंगत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सुनिश्चित करना इस योजना का प्रमुख लक्ष्य रहेगा।
इस योजना के तहत प्रत्येक बच्चे को शैक्षिक कार्य देने और उसके मूल्याकंन से बच्चे की प्रगति को बिना किसी अन्य जांच के रियल टाइम आधार पर अांका जा सकेगा।
उधर खान एकेडमी ऑफ इंडिया के प्रबंधन निदेशक संदीप बापना ने कहा कि इस योजना के तहत शिक्षक टेबलेट बेस प्रौद्यौगिकी पर आधारित डिजीटल प्लेटफार्म पर अपनी खुद की कक्षा स्थापित कर सकेंगे।
साथ ही विडियो, क्विज और यूनिट टेस्ट भी बच्चे इसके माध्यम से दे सकेंगे। उन्होंने बताया कि ये संसाधन बच्चों को अपनी खुद की सीखने की जरूरत के अनुसार उपाय उपलब्ध कराने के लिए सहायता करेंगे और उनके जटिल विषयों को समझने की क्षमता को सुदृढ़ भी करेंगे।