सीबीएसई की 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में मधुमेह टाइप-1 से पीड़ित छात्र शुगर टैबलेट, चॉकलेट, कैंडी, केला, संतरा, सेब, सैंडविच, पानी की छोटी बोतल ले जा सकेंगे।
सीबीएसई ने टाइप-1 मधुमेह से पीड़ित छात्रों के स्वास्थ्य के मद्देनजर खाद्य वस्तुओं को ले जाने की मंजूरी दी है। हालांकि, इन खाद्य वस्तुओं को ले जाने के लिए इन छात्रों को मधुमेह विशेषज्ञ से मधुमेह के इतिहास, मधुमेह की प्रकृति, व परीक्षा के दौरान नाश्ते की जरूरत को प्रमाणपत्र के साथ प्रिंसिपल के माध्यम से प्रस्तुुत करना होगा।
सीबीएसई का कहना है कि हमारे देश में मधुमेह की आबादी के टाइप-1 मधुमेह से पीड़ित बच्चों की अच्छी-खासी संख्या है। ऐसे बच्चों को अपने रक्त शर्करा स्तर को नियंत्रित करने के लिए नियमित अंतराल पर इन्सुलिन इंजेक्शन लेने की जरूरत है।
ऐसे में इन बच्चों को हाईपोग्लीसीमिया से बचने के लिए अक्सर भोजन की जरूरत होती है। इन सब बातों पर विचार करते हुए बोर्ड ने टाइप-1 मधुमेह से पीड़ित छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं में खाद्य वस्तुओं को ले जाने की मंजूरी प्रदान की है। बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि यह खाद्य सामान परीक्षा सेंटर पर पर्यवेक्षक के पास रखा जाएगा। पर्यवेक्षक बच्चों की जरूरत के आधार पर खाद्य सामान देगा।