रियो ओलंपिक में जहां लड़किया मेडल देश का नाम रोशन करने में लगी हैं वहीं दिल्ली विश्वविद्यालय के भगिनी निवेदिता कॉलेज में शारीरिक शिक्षा कोर्स को बंद कर दिया गया है। डीयू में शारीरिक शिक्षा पढ़ाने वाले शिक्षकों को रोस्टर से हटाने का भी प्रयास हो रहा है।
दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) ऐसे मामलों को लेकर हरकत में आ गया है। डूटा ने इन मामलों को लेकर न केवल आपत्ति दर्ज कराई है बल्कि कुलपति से हस्तक्षेप की मांग भी की है।
दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ अध्यक्ष डॉ नंदिता नारायण ने इस संबंध में बुलाई गई प्रेस वार्ता में कहा कि शारीरिक शिक्षा पढ़ाने वाले शिक्षक अंदरूनी राजनीति का शिकार हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि भगिनी निवेदिता कॉलेज में नियमों को दरकिनार करके बीते चार साल से पढ़ाए जा रहे शारीरिक शिक्षा कोर्स को बंद कर दिया गया। ऐसा करके सीधे-सीधे इस कोर्स केसहायक शिक्षकों पर प्रहार किया गया है।
डॉ नारायण ने आरोप लगाया कि चूंकि इन शिक्षकों ने प्रिंसिपल के खिलाफ आवाज उठाई, लिहाजा कोर्स को बंद करके उनसे बदला लिया गया है। इस मामले में डूटा ने कुलपति को पत्र लिख कर हस्तक्षेप करने की मांग की है, जिससे कि पाठ्यक्रम को जारी रखा जा सके।
हाल ही में डीयू की ओर से इंस्टीट्यूट ऑफ होम इकानामिक्स को भेजे गए एक पत्र पर भी डूटा ने आपत्ति की है। इस पत्र में शिक्षण रोस्टर से शारीरिक शिक्षा विभाग को हटाने की बात की गई है।
इस तरह केप्रयासों से शारीरिक शिक्षा शिक्षकों पर ज्यादतियां की जा रही हैं। डूटा ने कुलपति से अपील की है कि डीयू में शारीरिक शिक्षा व स्पोट्र्स को बचाया जाए।