डीयू में कॉलेजों व स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) में अब अलग-अलग पाठ्यक्रम की व्यवस्था खत्म होने जा रही है। मौजूदा सत्र 2016-17 से एसओएल में भी च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) पाठ्यक्रम लागू होगा।
अध्ययन सामग्री तैयार की जा रही है। सबसे पहले ऑनलाइन अध्ययन सामग्री तैयार कर वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। नए पाठ्यक्रम से परेशानी न हो इसके लिए पीसीपी (पर्सनल कॉंटेक्ट प्रोग्राम) कक्षाओं को बढ़ाया जा रहा है।
दिल्ली विश्वविद्यालय में अब तक एसओएल व रेगुलर कॉलेजों की एक ही डिग्री व अलग-अलग पाठ्यक्रम की व्यवस्था चल रही थी। अब रेगुलर कॉलेजों की तरह ही एसओएल में उपलब्ध बीए, बीकॉम, बीकॉम ऑनर्स, बीए ऑनर्स अंग्रेजी व बीए ऑनर्स राजनीतिशास्त्र में भी सीबीसीएस पाठ्यक्रम की व्यवस्था की गई है।
कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग के निदेशक प्रो. सी. एस दुबे ने बताया कि सीबीसीएस पाठ्यक्रम के लिए ऑनलाइन मैटेरियल तैयार कर रहे हैं। 15 अक्तूबर तक 70 से 80 फीसदी मैटेरियल ऑनलाइन उपलब्ध करा दी जाएगी।
कक्षाओं की संख्या बढ़ेगी
प्रो. दुबे ने बताया कि सीबीसीएस पाठ्यक्रम के आने से छात्रों को ज्यादा कक्षाओं की जरूरत होगी। ऐसे में बीते बृहस्पतिवार (22 सितंबर) को जनरल बॉडी मीटिंग (जीबीएम) में कक्षाओं की संख्या में बढ़ोतरी का फैसला किया गया। अब तक छात्रों के लिए 20 पीसीपी (पर्सनल कॉंटेक्ट प्रोग्राम) कक्षाएं लगाई जाती थीं। इन्हें बढ़ाकर 30 कर दिया गया है। यह कक्षाएं भी 15 अक्तूबर से शुरू हो जाएंगी।
लेकिन परीक्षा वार्षिक ही होगी
बता दें कि एसओएल में भले ही सीबीसीएस की व्यवस्था की गई है, लेकिन यहां वार्षिक परीक्षा की व्यवस्था ही लागू रहेगी। यानी साल में एक बार ही परीक्षा होगी। रेगुलर कॉलेजों में सेमेस्टर सिस्टम होने के कारण साल में दो बार परीक्षा होती है।