इस स्कूल में बच्चे सिर्फ मिड-डे मील के लिए आते हैं
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एनडीएमसी के स्कूलों के बच्चे अपना भविष्य स्कूल में पढ़ने के समय ही तय कर सकेंगे। इतना ही नहीं, वे स्कूलों में ही स्वयं को भविष्य के लिए तैयार भी कर सकेंगे। इस मामले में उनकी मदद केंद्र, दिल्ली और अन्य सरकारों से वरिष्ठ पदों से सेवानिवृत्त हो चुके अधिकारी करेंगे। एनडीएमसी ने ऐसे अधिकारियों का पैनल बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।
एनडीएमसी ने गत वर्ष अपने स्कूलों का हर मामले में कायाकल्प करने और बच्चों को भविष्य तय करने में मदद कराने का निर्णय लिया था। इस संबंध में उसने विभिन्न सरकारों के बड़े पदों से सेवानिवृत्त हो चुके अधिकारियों का सहयोग लेने की मंशा जताई थी। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी भूरेलाल कमेटी ने गत दिनों उसकी योजना को हरी झंडी दे दी।
एनडीएमसी की योजना के अनुसार पैनल में चुने जाने वालेे अधिकारी उसके और उसके तहत चलने वाले नवयुवक स्कूलों का निरंतर दौरा करेंगे। इस दौरान वह स्कूलों के वातावरण में सुधार कराने की दिशा में सुझाव देंगे। इसके अलावा वे स्कूलों में मौजूद सुविधाओं का आकलन करके उनमें मौजूद खामियों को दूर कराने और अन्य उच्च कोटि की सुविधाएं उपलब्ध कराने के बारे में भी बताएंगे।
एनडीएमसी इन अधिकारियों को स्कूली बच्चों से भी रूबरू कराएगी। बच्चों से मिलकर अधिकारी उनके भविष्य के बारे में पता लगाएंगे। इसके अलावा उनकी प्रतिभा का आकलन करके उन्हें भविष्य चुनने के लिए राय देंगे। इतना ही नहीं, वे बच्चों को भविष्य हासिल करने में आने वाली दिक्कतों को दूर करने के बारे में भी सुझाव देंगे। बच्चों को बताया जाएगा कि उनको अपना लक्ष्य प्राप्त करने के लिए क्या-क्या करना है।