नॉलेज पार्क स्थित जीएल बजाज कॉलेज में आयोजित इंडियन सेल्सफोर्स कम्युनिटी सम्मेलन में कई देशों के वक्ताओं ने विचार रखे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित सम्मेलन में पेटर कॉफी, वाइज प्रेसिडेंट स्ट्रेटेजिक रिसर्च, सेल्सफोर्स ने बताया कि इस क्षेत्र में इंजीनियर्स ही नहीं बल्कि मार्केटिंग, फाइनेंस, चार्टेड अकाउंटेंट (सीए) व अन्य नॉन टेक्निकल फील्ड के लोगों की भी भारी मांग है।
यह कस्टमर रिलेशन मैनेजमेंट के अलावा मेडिकल, बैंकिंग, इंश्योरेंस व एजुकेशन आदि फील्ड में भी उपयोगी है। सम्मेलन में 40 अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं और बड़ी संख्या में डेवलपर और सेल्सफोर्स यूजर ने छात्रों को संबोधित किया।
संस्थान के निदेशक डॉ. राजीव अग्रवाल ने बताया कि सेल्सफोर्स क्लाउड आधारित लर्निंग प्लेटफार्म भी है। इसके जरिये दुनियाभर के डेवलपर नई-नई तकनीक के बारे में सीखते हैं। इस मौके पर अमेरिका, जापान, ब्रिटेन, टर्की व श्रीलंका आदि के वक्ताओं ने भी अपनी बात रखी।
20 से 40% ज्यादा वेतन
इरिका कूल ने बताया कि यह एक मुफ्त लर्निंग प्लेटफार्म है, जहां इच्छुक अभ्यर्थी इंटरनेट के जरिये पढ़कर सेल्फ असेसमेंट टेस्ट देकर सेल्सफोर्स के करीब 300 लेवल या बैचेज प्राप्त कर सकते हैं।
इस तकनीक को सीखकर देश-विदेश में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। संस्थान के वाइस चेयरमैन पंकज अग्रवाल ने बताया कि जावा, सीसी प्लस प्लस आदि लैंग्वेज के मुकाबले सेल्सफोर्स प्रोफेशनल 20 से 40 प्रतिशत ज्यादा वेतन पर नियुक्ति पाते हैं।