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छात्रों के बीच बढ़ रही जर्मन व फ्रेंच कोर्सों की मांग

Sun, 01 Oct 2017 10:30 AM IST
प्रगति मिश्रा
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यदि आप करियर में नई ऊंचाईयां छूना चाहते हैं तो एक से अधिक भाषाओं का ज्ञान बेहद फायदेमंद हो सकता है। यही कारण है कि शहर में विदेशी भाषाओं से जुड़े कोर्सेज में छात्रों की रुचि बढ़ती जा रही है। नई भाषाएं सीखने के लिए नोएडा के विभिन्न संस्थानों में स्नातक, परास्नातक और डिप्लोमा कोर्सों में दाखिले लिए जा सकते हैं। कुछ कॉलेज रेगुलर कोर्स के साथ विदेशी भाषा सीखने का भी विकल्प देते हैं। 
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आईएमएस नोएडा में जर्मन लैंग्वेज के असिस्टेंट प्रोफेसर सुजीत भट्टाचार्य ने बताया कि आजकल जर्मन और फ्रेंच की बेहद मांग है। इसे देखते हुए हमारा संस्थान यहां विभिन्न कोर्सों में अध्ययनरत छात्रों को जर्मन और फ्रेंच भाषा की क्लास भी उपलब्ध कराता है। यह क्लास सिर्फ संस्थान के विभिन्न विभागों में अध्ययनरतछात्रों के लिए हैं।

प्रो. सुजीत कहते हैं कि यह मल्टीटास्किंग का दौर है। यदि छात्र अलग-अलग भाषाएं सीखते हैं, तो इससे उनके करियर को नई ऊंचाई मिलने की संभावना बढ़ती है।शिक्षा क्षेत्र से जुड़े पीआर हेड अनिल दुबे ने बताया कि ज्यादातर विश्वविद्यालयों में विदेशी भाषा के लिए अलग विभाग हैं। जहां स्नातक और परास्नातक कोर्स कराए जाते हैं। कुछ विश्वविद्यालयों में स्नातक कोर्स के लिए इंटरमीडिएट में 60 प्रतिशत अंक होना आवश्यक है।
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छात्र बीए फ्रेंच, बीए जर्मन या बीए स्पेनिश के कोर्स कर यह भाषाएं सीख सकते हैं। इन संस्थानों के साथ ही इलिंगुआ संस्थान के भी दिल्ली-एनसीआर में कई सेंटर हैं। जहां जर्मन, फ्रेंच और स्पेनिश भाषाओं की कक्षाएं लगती हैं।
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क्या है फायदा
1- यदि आपको एक से अधिक भाषा का ज्ञान है, तो मल्टीनेशनल कंपनियों में जॉब पाने में यह फायदेमंद हो सकता है।
2- आप टूरिस्ट गाइड के रूप में काम कर सकते हैं।
3- ट्रांसलेटर के रूप में भी करियर शुरू किया जा सकता है।
4- उच्चशिक्षा के लिए विदेशी विश्वविद्यालयों में अप्लाई कर सकते हैं। कई देश उनकी भाषा सीखने वाले छात्रों को शिक्षा में कई तरह की सहूलियत देते हैं।
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