सरकारी स्कूलों में सुविधा के नाम पर पूर्ववर्ती सरकारों ने लाखों-करोड़ों रुपयों का बजट खर्च करने का दावा किया, लेकिन प्रदेश के 33 स्कूलों में बिजली का कनेक्शन न होना इन दावों की पोल खोल रहा है।
यह मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा कराए गए एक सर्वे में सामने आई। बिजली कनेक्शन नहीं होने से कैसे विद्यार्थी गर्मी में पढ़ाई करते होंगे, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
इन स्कूलों में डिजिटल इंडिया का सपना कैसे पूरा होगा, इसे लेकर विभाग ने आनन-फानन में स्थायी कनेक्शन कराए हैं। इन 32 स्कूलों में फरीदाबाद के बिजोपुर और फरीदाबाद गांव के स्कूल भी शामिल हैं।
बता दें पिछले दिनों मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक को उन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक व उच्च विद्यालयों की सूची भेजने को कहा था, जहां बिजली की सुविधा नहीं है।
निदेशालय ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की। एक माह पहले आई रिपोर्ट में आश्चर्यजनक आंकड़े सामने आए। निदेशालय ने हरियाणा में 13 स्कूल चिहित किए, जहां बिजली के कनेक्शन नहीं लगा है। 18 ऐसे स्कूल है, जहां पोल पर लगी तारें झूल रहे है, लेकिन उससे करंट पास नहीं हो रहा।
एमएचआरडी की फटकार से जगा विभाग
मानव संसाधन मंत्रालय को भेजी रिपोर्ट में फतेहाबाद, झज्जर, पंचकूला में एक-एक, फरीदाबाद 2, जींद, कैथल, करनाल में 3, महेंद्रगढ़ 4, मेवात, पलवल और भिवानी के 5 स्कूलों बिजली व्यवस्था से महरूम है।
बिजली कनेक्शन न होने के कारण इन स्कूलों में आइसीसी लैब दम तोड़ रहा है। जिसपर नाराजगी जताते हुए एमएचआरडी ने शिक्षा सचिव को कड़ी फटकार लगाई और जल्द से जल्द बिजली से वंचित सरकारी सीनियर सेंकेडरी व हाईस्कूलों में 30 जून तक कनेक्शन चालू करवाने के आदेश दिए। मंत्रालय की फटकार से विभाग जागा।
निदेशालय ने मांगी रिपोर्ट
मंत्रालय के निर्देश के बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर सेकेंडरी व हायर सेंकेडरी स्कूलों निर्धारित समय सीमा में बिजली कनेक्शन कराकर स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। ताकि छुट्टियों के बाद नौनिहाल की पढ़ाई प्रभावित न हो।