डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) से संबद्ध तकनीकी शिक्षण संस्थानों में मैनेजमेंट कोटे की 15 फीसदी सीटों पर सीधे प्रवेश देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कॉलेजों ने स्टेट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (एसईई) की काउंसलिंग से पहले ही बीटेक, एमबीए समेत अन्य यूजी-पीजी पाठ्यक्रमों में प्रोविजनल एडमिशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। छात्रों को लुभाने के लिए कॉलेज स्कॉलरशिप, फीस में छूट, 100 प्रतिशत प्लेसमेंट की गारंटी, फ्री लैपटॉप जैसे ऑफर दे रहे हैं। सीटें भरने के लिए कंसलटेंट की भी मदद ली जा रही है।
एकेटीयू के कॉलेजों में काउंसलिंग के अलावा 15 फीसदी सीटें मैनेजमेंट कोटे के तहत भरी जाती हैं। सीटें खाली न रह जाएं, इसलिए नॉलेज पार्क के तकनीकी कॉलेजों ने बीटेक, बीफार्मा, बीआर्क, होटल मैनेजमेंट, एमबीए और एमसीए समेत अन्य पाठ्यक्रमों में दाखिला देना शुरू कर दिया है। ज्यादातर कॉलेज छात्रों की तलाश में बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और जम्मू-कश्मीर के अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश में कैंप लगाकर अपनी खूबियों को गिना रहें है। वहां पर छात्रों का रजिस्ट्रेशन भी कर रहे हैं।
वहीं, कुछ प्रमुख कॉलेजों की बात करें, तो उनमें जानकारी के लिए छात्र खुद अभिभावकों के साथ पहुंच रहे हैं। कॉलेज ई-मेल, फोन और सोशल मीडिया के जरिये छात्रों के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। उधर, कंसलटेंट भी सक्रिय हो गए हैं, जो हर दाखिले के पीछे अपना कमीशन फिक्स कर रहें हैं।
एकेटीयू के नियमानुसार मैनेजमेंट और खाली सीटों पर दाखिला काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद दिया जाता है, लेकिन सीटें भरने के लिए कॉलेज अभी से प्रयास में लग गए हैं। कॉलेजों के मुताबिक, मैनेजमेंट की सीटों पर दाखिला लेने वाले छात्रों का रजिस्ट्रेशन कर उनका ब्योरा विश्वविद्यालय को भेजा जाता है। अनुमति मिलने पर काउंसलिंग के बाद उन सीटों पर दाखिला दिया जाता है।