नीट परीक्षा में आयु सीमा घटाने व ओपन बोर्ड के छात्रों को अयोग्य करार देने पर जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अधिकारियों ने आक्रोश जताया है। छात्रों ने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को ज्ञापन सौंपकर उचित कार्रवाई की मांग की है।
छात्रों ने विरोध जताते हुए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ( एमसीआई) के फैसले को गलत ठहराया है। पूर्व उपाध्यक्ष शेहला राशिद, पूर्व अध्यक्ष मोहित कुमार व एम्स रेजीडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष हरजीत भाटी की ओर से बृहस्पतिवार को यह ज्ञापन सौंपा गया ।
शेहला के मुताबिक, नीट प्रवेश परीक्षा 2018 के लिए जारी नोटिफिकेशन में आयु सीमा 30 से घटाकर 25 कर दी गई है। साथ ही नेशनल ओपन स्कूल या ओपन बोर्ड से पास छात्रों को नीट के लिए अयोग्य करार दिया गया है, जोकि बिल्कुल गलत है।
जो छात्र एक साल से परीक्षा की तैयारी कर रहे थे, अचानक इस नोटिफिकेशन के कारण वे अयोग्य हो गये हैं। ओपन बोर्ड के छात्रों को नीट से बाहर करने से लाखों छात्रों का भविष्य अधर में अटक जाएगा।