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पाठ्यक्रम को बदलने की जरूरत, बच्चों को रटाने की बजाय प्रयोग करने देना चाहिए : प्रो. दिनेश सिंह

Sat, 12 Jan 2019 12:14 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : अमर उजाला
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बच्चाें के कौशल विकास और उन्हें कुछ नया सिखाने के लिए हमें अपने पाठ्यक्रम को बदलने की जरूरत है। बच्चों को रटाने की बजाय उन्हें प्रयोग करने देने चाहिए। डीयू के पूर्व वीसी प्रो दिनेश सिंह ने यह बातें पुस्तक ‘लीड द चेंज’ के विमोचन अवसर पर कही।

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उन्होंने कहा कि अध्यापक और अभिभावकों को बच्चों को नया करने की छूट देनी चाहिए। शिक्षा में प्रिंसिपल का सबसे महत्वपूर्ण योगदान होता है। स्कूल प्रिंसिपल की सोच ही छात्रों को गुणवत्तापरक शिक्षा देती है। इंटरनेशनल कौंसिल फॉर स्कूल लीडरशिप गैर सरकारी संस्थान की ओर से स्कूल लीडरशिप पर ‘लीड द  चेंज’ किताब का विमोचन किया गया। इस मौके पर प्रो. दिनेश सिंह मुख्य अतिथि थे।

कार्यक्रम में दिल्ली और अन्य राज्यों से आए करीब 110 प्रिंसिपल ( प्रधानाध्यापकों) ने स्कूल लीडरशिप पर अपने विचार रखे, जिसमें इंद्रप्रस्थ स्कूल द्वारका, केआर मंगलम, सीआरपीएफ स्कूल रोहिणी, सलवान पब्लिक स्कूल और मेड इजी आदि शामिल थे।
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किताब में स्कूल लीडरशिप पर विभिन्न लेखकों ने स्कूल एनवायरनमेंट, करिकुलम, लर्निंग, टेक्नोलॉजी, बदलाव आदि पर लेख लिखे हैं। इंटरनेशनल कौंसिल फॉर स्कूल लीडरशिप के फाउंडर निदेशक अतुल निश्चल ने कहा कि इंटरनेशनल कौंसिल फॉर स्कूल लीडरशिप 2025 तक 10 हजार स्कूल प्रिंसिपल को प्रशिक्षित करेगा।

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