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कोई संस्थान नहीं देता मुफ्त में शिक्षा, बहकावे में न आएं छात्र

Sat, 12 Jan 2019 11:35 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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शिक्षा विभाग में 250 करोड़ से अधिक राशि का छात्रवृत्ति घोटाला सामने आने के बाद से सरकार जाग गई है। शुक्रवार को उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी विद्यार्थियों से निशुल्क शिक्षा देने वाले संस्थानों के बहकावे में नहीं आने की अपील की है। छात्रवृत्ति के नाम पर फर्जीवाड़े करने वाले संस्थानों से सचेत करते हुए उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने कहा है कि बिना शुल्क लिए कोई भी शिक्षण संस्थान शिक्षा नहीं देता है। 

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विद्यार्थियों को गुमराह करने के लिए इस तरह के प्रलोभन दिए जाते हैं। उच्च शिक्षा निदेशालय के मुताबिक सूचनाएं मिली हैं कि एससी, एसटी, ओबीसी तथा ईबीसी से संबंध रखने वाले विद्यार्थियों को प्रदेश से बाहर स्थित शिक्षण संस्थान झूठे प्रलोभन देकर फंसा रहे हैं। विद्यार्थियों से कहा जाता है कि हमारे शिक्षण संस्थान में प्रवेश लेने पर कोई शिक्षा शुल्क और छात्रावास शुल्क नहीं लिया जाता।

इस प्रलोभन की आड़ में विद्यार्थियों की ओर से दिए गए दस्तावेजों के आधार पर ई पास पोर्टल पर ऑनलाइन छात्रवृत्ति के लिए आवेदन भरे जाते हैं। इस फर्जीवाडे़ के माध्यम से शिक्षण संस्थान भोले भाले विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति राशि को हड़प जाते हैं। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया है कि बिना शुल्क लिए कोई संस्थान शिक्षा नहीं देता है। 
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संस्थान होंगे ब्लैक लिस्ट
छात्रवृत्ति आवेदनों की जांच के लिए अब शिक्षण संस्थानों के स्तर पर मानीटरिंग कमेटियां गठित कर दी गई हैं। इन कमेटियों की सिफारिश के बाद ही शिक्षा विभाग छात्रवृत्ति की राशि जारी करेगा। अगर कोई शिक्षण संस्थान फर्जी तरीके से छात्रवृत्ति लेने के लिए आवेदन करता है तो उस संस्थान को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा।

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