मेवात का शिक्षा विभाग जहां विडियो कांफ्रेंसिंग से अपनी बात प्रदेश के अधिकारियों के सामने रखता है वहीं उसके दर्जनों स्कूल ऐसे है जहां का लर्निंग लेवल आउटकम (एलएलओ) जीरो है। इनमें नगीना के 3 स्कूल शामिल है। इन शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है और उन से स्पष्टीकरण मांगा है।
चार्जशीट करने का आदेश शिक्षा विभाग ने दिया है। सोमवार कोशिक्षा विभाग द्वारा जारी सीआरसी की रिपोर्ट मे सामने आया है कि 33 स्कूल अभी ऐसे हैं, जिनमें सुधार की गुंजाइश बाकी है। जबकि 48 स्कूल लगातार सुधार में जुटे है। यहां का एलएलओ न केवल संतोषजनक है बल्कि इन बच्चों ने प्रदेश स्तर के कार्यक्त्रस्मों में शामिल होकर अपने स्कूलों का झंड़ा भी
बुलंद किया है।
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा 8 मई को नगीना खंड के प्राइमरी-मिडिल स्कूलों का लर्निंग लेवल जांचने के लिए टीमों का गठन किया था। सीआरसी की रिपोर्ट में पता चला है कि प्रतापबास, दानीबास और हुहूका स्कूलों का एलएलओ जीरो प्रतिशत है। इसके अलावा खान मोहम्मदपुर, उमरी, खूसपुरी, राजाका, भादस शाहपुर, घागस, कंसाली, उलेटा, खानपुर घाटी, मरोड़ा, पूठली, अटेरना शमशाबाद, ईमामनगर और बदरपुर का एलएलओ संतोष जनक है। तो वहीं बलई, मोहम्मदनगर, मूलथान,नोटकी, गुमटबिहारी के एलएलओ से अधिकारी संतुष्ट नहीं है।
नगीना के खंड़ शिक्षा अधिकारी डॉ. अब्दुल रहमान ने बताया कि एलएलओ जांच करने के लिए जिला शिक्षा विभाग की विभिन्न टीमें प्र्राइमरी व मिडिल स्कूलों में 8 से 14 मई तक गई थी। रिपोर्ट में 3 स्कूल ऐसे है जिनके बच्चे सही से क,ख,ग भी नहीं पढ़ पाऐ। सुधार के लिए एसएमसी कमेटियों के सामने बैठकें कर रिपोर्ट रखी जायेगी। इन स्कूलों में कार्यरत सभी शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही उनका वेतन रोकने और चार्जशीट करने की कार्रवाई भी की जा रही है।