नए सत्र में स्कूल से कॉलेज पहुंचने वाले छात्रों को विषयों के चयन के मामले में उलझन की स्थिति से नहीं गुजरना पड़ेगा। दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) के तर्ज पर महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (एमडीयू) में 'ओपन डेज' का आयोजन किया जाएगा।
जहां अभिभावकों और विद्यार्थियों के समस्याओं को कॉलेज के एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसर सुलझाएंगे। दरअसल, पांच जून से प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में दाखिला प्रक्रिया शुरू हो रही है। आवदेन प्रक्रिया शुरू होने के अगले दिन सोवमार से कॉलेजों में एक्सपर्ट कमेटी छात्रों को समस्याओं को सुनेंगे।
कॉलेज में किस विषय में प्रवेश लेना बेहतर साबित हो सकता है। वो करियर और बाजार के लिहाज से कितना फायदेमंद है। बारहवीं के माक्र्स के आधार पर कौन से स्ट्रीम में दाखिला मिल सकता है? 'ओपन डेज' में विद्यार्थी यह सवाल पूछ सकते हैं।
इसके लिए कॉलेज में लेक्चरर की कमेटी छात्रों की मदद करेंगी। उच्चतर शिक्षा विभाग ने इस बाबत कॉलेजों को निर्देश भी जारी कर दिया हैं। बता दें कि इसे लेकर कॉलेज स्तर पर अलग-अलग एक्सपर्ट की कमेटी भी बनाने की तैयारी चल रहा है।
ऑनलाइन भी मिलेंगे जवाब
कॉलेजों में पहुंचने वाले छात्रों को इस बार ऑनलाइन प्रोस्पेक्ट्स मिलेगा। जिसमें कॉलेजों के बारे में अधिक जानकारी नहीं होगी। कॉलेज से संबंधित जानकारी उच्चतर शिक्षा विभाग की पोर्टल पर रहेगी। ऐसे में छात्रों को प्रोस्पेक्ट्स में दिए विषयों और संकाय के आधार पर चयन खुद आवेदन करना पड़ेगा।
ऐसे में छात्रों से गलती की संभावना बनी रहती है। बीते वर्षों में देखा गया है कि कई छात्र गलत विषय का चयन कर लेते हैं । जिसे देखते हुए कॉलेजों द्वारा एक ई-मेल आईडी जारी करने का निर्णय लिया है।
सेक्टर-9 स्थित राजकीय स्नातकोत्तर कॉलेज की प्रिंसिपल सुषमा चौधरी का कहना है कि एडमिशन हेल्प से संबंधित ई-मेल आईडी होगा। इसमें विषय या फॉर्म भरने से संबंधित जानकारी के लिए सवाल भेजे जा सकते हैं। जिसका जवाब ऑनलाइन कमेटी देगी।
कॉलेजों में होगा प्रवेश सलाहकार समिति का गठन
उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने छात्रों की परेशानी को देखते हुए सभी कॉलेजों में प्रवेश सलाहकार समिति गठन करने का निर्देश दिया है जो नए छात्र-छात्राओं को सलाह देंगे। इसमें संबंधित विषय के प्रवक्ता को उसी विषय का जिम्मा दिया गया है जो कि छात्र-छात्राओं को उचित मार्ग निर्देशन देगा।
अगर किसी विषय की पढ़ाई शहर के कॉलेजों में नहीं होती है तो शिक्षक दूसरे शहर में कौन सी यूनिवर्सिटी या कॉलेज है? इस बारे में भी पथ प्रदर्शित करेंगे। सेक्टर-14 स्थित गर्वमेंट गल्र्स कॉलेज की प्रिंसिपल चेतना सेहरावत का कहना है कि काउंसलिंग की व्यवस्था होगी।
इसमें अभिभावक, विद्यार्थी कोई भी आकर जानकारी ले सकता है। प्रवक्ताओं को भी विषय के नए आयाम और बाजार की संभावनाओं के बारे में जानने को कहा गया है ताकि सही से काउंसलिंग हो सके।