नर्सरी में दाखिले के लिए स्कूलों ने पंजीकृत छात्रों की सूची को जारी करना शुरू कर दिया है। कई स्कूलों ने सूची के साथ अंकों का ब्योरा दिया है, तो कुछ स्कूलों ने ब्योरा नहीं दिया।
अंकों का पता नहीं चलने के कारण अभिभावकों को अपने बच्चे के दाखिले के चांस कम लग रहे हैं। वहीं लॉटरी को लेकर भी अभिभावकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
कुछ स्कूलों की लॉटरी का पता चल रहा है, जबकि कुछ की लॉटरी कब होगी, पता नहीं। ऐसे में आवेदन करने वाले अभिभावकों में संशय है कि दाखिला हो सकेगा या नहीं।
ऐसे अभिभावकों को स्कूलों की सलाह है कि वह परेशान न हों, उनके बच्चे का दाखिला हो सकता है। जैसे-जैसे सूची आने का दौर शुरू होगा वैसे-वैसे बच्चों को दाखिले मिलने के चांस बनते जाएंगे।
ऐसा इसलिए होगा क्योंकि अभिभावकों ने 20 से अधिक स्कूलों में आवेदन किया है। ज्यादा स्कूलों में आवेदन करने के कारण किसी न किसी स्कूल में उनके दाखिले की गुंजाइश रहेगी।
स्कूलों ने आवेदकों व उनको मिले अंकों की सूची को जारी करना शुरू कर दिया है। वहीं कुछ स्कूल अगले सप्ताह तक ऐसी सूची जारी कर देंगे।
अभिभावकों की शिकायत है कि स्कूलों की ओर से की जाने वाली लॉटरी का पता नहीं चल पा रहा। स्कूल लॉटरी में पारदर्शिता नहीं बरत रहे हैं। लिहाजा अभिभावकों को दाखिला नहीं मिलने का डर ज्यादा है।
स्कूलों की सलाह है कि यदि किसी एक स्कूल में नाम आ जाए, तो वहां अभिभावक बच्चे का दाखिला पक्का कर लें। दूसरी सूची में यदि किसी अन्य स्कूल में नाम आ जाए, तो वहां पर बाद में दाखिला लिया जा सकता है।