नर्सरी दाखिलों में नेबरहुड नीति मामले में दिल्ली सरकार को हाईकोर्ट की दो सदस्यीय खंडपीठ से भी राहत नहीं मिली। अदालत ने सस्ती दरों पर भूमि लेने वाले 298 स्कूलों को अपनी नीति से ही फिलहाल दाखिल प्रक्रिया जारी रखने की छूट प्रदान कर दी।
अदालत ने यह जरूर स्पष्ट कर दिया कि दाखिला प्रक्रिया उनके अंतिम निर्णय पर निर्भर होगी। मुख्य न्यायाधीश जी.रोहिणी व न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की खंडपीठ ने दिल्ली सरकार के उस तर्क को स्वीकार करने से इनकार कर दिया कि सिंगल जज द्वारा नेबरहुड नीति पर लगाई गई रोक संबंधी फैसले पर रोक लगाई जाए।
खंडपीठ ने कहा पेश तथ्यों से स्पष्ट है कि दाखिला प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और उस पर रोक लगाना उचित नहीं होगा। खंडपीठ ने कहा वे दोनों पक्षों को स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि दाखिला मुद्दे पर उनके द्वारा दिया गया निर्णय ही अंतिम माना जाएगा।
अदालत ने कहा वे पूरे मामले का अध्ययन करने के बाद कोई निर्णय देंगे। अदालत ने सरकार को सभी पक्षों को याचिका की प्रति प्रदान करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 22 फरवरी तय कर दी।