पीयू कैंपस और रिजनल सेंटर में चल रहे विभिन्न सेल्फ फाइनेंस कोर्स में पीयू एफिलिएटेड 193 कॉलेजों के नॉन टीचिंग स्टॉफ के बच्चों की ट्यूशन फीस में 25 फीसदी छूट मिल सकती है। मामले में 25 फरवरी को होने वाली सिंडीकेट में फैसला लिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, पीयू सिंडीकेट सदस्य और सेक्टर-10 स्थित डीएवी कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीसी जोसन ने कॉलेज नॉन टीचिंग स्टॉफ के बच्चों को भी सेल्फ फाइनेंस कोर्स की फीस में छूट देने का प्रस्ताव भेजा था। जिसे सिंडीकेट में चर्चा के लिए स्वीकार कर लिया गया है। पीयू के कई सेल्फ फाइनेंस कोर्स की फीस लाखों में है।
पीयू प्रशासन कैंपस प्रोफेसर और कॉलेजों के वर्किंग और रिटायर्ड प्रोफेसर के बच्चों को यह लाभ पहले से दे रहा है। इस संबंध में 25 अप्रैल 2013 सिंडीकेट में फैसला लिया जा चुका है। अब कॉलेजों में नॉन टीचिंग स्टॉफ भी यह लाभ मांग रहे हैं। सिंडीकेट सदस्य डॉ. जोसन का तर्क है कि नॉन टीचिंग स्टॉफ का वेतन प्रोफेसर से काफी कम होता है। ऐसे में नॉन टीचिंग स्टॉफ को भी यह लाभ दिया जाना चाहिए। प्रस्ताव पर अंतिम फैसला सिंडीकेट करेगी।
सिंडीकेट में लॉ विभाग की लाइब्रेरी में बरसों पुरानी 3337 किताबों को बेचना का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। मामले में प्रो. अनिल मोंगा, अनु चतरथ और प्रो. इमैनुअल नाहर की कमेटी नेे सिर्फ वह किताबें बेचने का सुझाव दिया है, जिनकी कई कापी लाइब्रेरी में हैं। बैठक में यूजीसी के निर्देश पर पंजाब यूनिवर्सिटी में पीएचडी-एमफिल दाखिले की नई गाइडलाइंस को लेकर भी फैसला लिया जाएगा।