नर्सरी दाखिले की पहली सूची जारी होने के बाद डोनेशन का खेल भी शुरू हो गया है। स्कूलों द्वारा 50 हजार से 1 लाख रुपये तक की मांग की जा रही है।
सबसे बड़ी बात यह है कि दाखिले की चाह में अभिभावक इतनी बड़ी रकम चुकाने को तैयार हैं। वहीं, डोनेशन मांग कर स्कूल सीधे तौर पर शिक्षा निदेशालय के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
द्वारका स्थित कुछ स्कूलों में अभिभावकों का आरोप है कि 51 हजार रुपये मांग कर दाखिला देने की बात कही गई। इतना ही नहीं यह भुगतान नगद करने को कहा जा रहा है।
यह पैसा स्कूल फीस के अतिरिक्त है। एक अभिभावक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दाखिले के लिए उनसे एक दो स्कूलों नहीं बल्कि चार ने डोनेशन के नाम पर 40 से 80 हजार रुपये तक की मांग की है।
मजबूरी में डोनेशन देने को तैयार
वहीं, कुछ ऐसे भी अभिभावक हैं जिन्हें पैसे देकर दाखिला लेना मंजूर है। दरअसल, 15 से 20 स्कूलों में इनके बच्चों का नाम नहीं आया। लिहाजा, ऐसे अभिभावक अपने बच्चों के दाखिले के खातिर पैसा खर्च करने को भी तैयार है।
निदेशालय सख्त नहीं
उधर, एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम प्रमुख सुमित वोहरा ने बताया कि सूची जारी होने से पहले ही डोनेशन मांगने की शिकायतें मिल रही थी। शिक्षा निदेशालय सख्ती नहीं कर रहा है। निदेशालय की सुस्ती का नतीजा है कि स्कूल डोनेशन की मांग कर मनमानी कर रहे हैं।