एपीजे की दोनों शाखाओं साकेत व पीतमपुरा स्कूल ने घर के पास के एरिया जहां स्कूल ट्रांसपोर्ट उपलब्ध है, इसको अपने मानक में शामिल किया है। इसके लिए 15 अंक दिए गए हैं। टैगोर इंटरनेशनल ने जिस एरिया से स्कूल का ट्रांसपोर्ट उपलब्ध है उसके लिए 50 अंक तय किए हैं।
स्कूल की दोनों शाखाओं वसंत कुंज व ईस्ट ऑफ कैलाश में ऐसा किया गया है। इसी तरह ब्लूम वसंत कुंज स्कूल में इसके लिए 30 अंक दिए गए हैं। वहीं कृपाल बाग स्थित दर्शन अकादमी ने अभिभावकों की योग्यता फ्रीलांसर या मूल शोधकर्ता के लिए भी 15 अंक निर्धारित किए हैं।
उत्तरी दिल्ली स्थित महावीर मॉडल स्कूल ने तो शाकाहारी, धूम्रपान नहीं करने वाले व शराब नहीं पीने वाले अभिभावक के लिए 5-5 अंक दिए हैं।
आवेदन प्रक्रिया पकड़ने लगी रफ्तार, फॉर्म के लिए जद्दोजहद
राजधानी के निजी स्कूलों में नर्सरी दाखिले की दौड़ शुरू हो गई। वैसे तो शनिवार को ही आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई थी, लेकिन इस प्रक्रिया ने असल में सोमवार को ही रफ्तार पकड़ी। कोहरे व ठंड के बीच कई स्कूलों में अभिभावक सुबह सवेरे ही स्कूल पहुंच गए।
निजी स्कूलों में नर्सरी दाखिले के पहले दिन फॉर्म लेने की धीमी रही रफ्तार ने दूसरे दिन तेजी आ गई। कई छोटे-बड़े स्कूलों में आवेदन प्रक्रिया के लिए लाइनें नजर आई। दूसरे दिन फॉर्म को लेने का ऐसा क्रेज रहा कि दाखिला विंडों खुलने से काफी पहले ही अभिभावक स्कूल पहुंच गए।
आलम यह रहा कि ठंड भी अभिभावकों की जद्दोजहद को रोक नहीं पाई। स्कूलों में फॉर्म लेकर 7 जनवरी तक जमा कराए जा सकते हैं। फिर भी हर कोई जल्द से जल्द फॉर्म लेना चाहता है।
स्कूलों की ओर से अभिभावकों को सलाह है कि वह अपने आसपास के ज्यादा से ज्यादा स्कूलों में आवेदन फॉर्म भरें। लिहाजा अभिभावक ज्यादा से ज्यादा स्कूलों में आवेदन से चूकना नहीं चाहते हैं। मयूर विहार स्थित विद्या बाल भवन स्कूल में 104 आवेदन हुए।
शनिवार के मुकाबले मेें सोमवार को यहां ज्यादा अभिभावक पहुंचे। इसी तरह से मौसम विहार स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में अब शनिवार व सोमवार मिलाकर लगभग 600 आवेदन किए गए हैं। प्रिंसिपल डॉ. वंदना कंपूर के अनुसार अब जल्द ही अभिभावक फॉर्म जमा कराएंगे। उनके स्कूल में ऑफलाइन व ऑनलाइन दोनों तरह से आवेदन की सुविधा उपलब्ध है।