मेडिकल कॉलेजों में होने वाली प्रवेश परीक्षा नीट (राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा) में अब भाषा की गलती नहीं होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने नीट के संबंध में गाइडलाइन बनाई है। मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि सीबीएसई 11 सौ से 12 सौ प्रश्नों का बैंक तैयार करेगा।
उसके बाद भाषा विशेषज्ञ उनका अनुवाद करेंगे। प्रश्नों में भाषा, वाक्य या तथ्यों की गलती की जांच तीन स्तरीय कमेटी करेगी। सीबीएसई बोर्ड का परीक्षा विभाग उसके बाद प्रश्नपत्र के चार या पांच सेट तैयार करेगा।
वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, पहली बार नीट 2018 में सभी भाषाओं में परीक्षा होगी। ऐसे में भाषा या प्रश्न में किसी प्रकार की गलती की गुंजाइश को खत्म करने के लिए यह अभ्यास किया जा रहा है।
गौरतलब है कि इन्हीं गलतियों के कारण वर्ष 2017 नीट में चार प्रश्नों की गलती पर आठ बोनस अंक देने पड़े थे। उस गलती से सीख लेते हुए फूंक-फूंक कर कदम उठाए जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत प्रवेश परीक्षा 2018 के लिए पिछले महीने स्वास्थ्य मंत्रालय और सीबीएसई के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई थी।
मंत्रालय ने सीबीएसई को प्रश्नपत्र के लिए जरूरी निर्देश दिए हैं। इसके तहत प्रश्न बैंक तैयार करने के बाद उन्हें देश के विभिन्न हिस्सों में विशेषज्ञ अनुवादकों के पास अनुवाद के लिए भेजा जाएगा। उनमें से अंतिम रूप से प्रश्नों के सेट बनाए जाएंगे। सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को जल्द से जल्द शुरू करने को कहा है, ताकि अनुवादकों को पर्याप्त समय मिल सके।