राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी संस्थान (एनआईओएस) के रीजनल और केन्द्रीय कार्यालय में में आपसी तालमेल नहीं होने के कारण मेवात जिले के हजारों विद्यार्थियों को पिछले दो साल से दूसरे जिलों में परीक्षाऐं देनी पड़ रही हैं। इस बार भी परीक्षा पलवल जिले में देनी होंगी।
क्षेत्रिय निदेशक कार्यालय चंडीगढ़ की मानें तो उन्होंने कई परीक्षा केन्द्र बनाने की सिफारिश मुय कार्यालय नोएड़ा को भेजी थी। ये आरटीआई से मिली जानकारी में भी सामने आई है। मंगलवार 27 सितबर से 12वीं व 28 सितबर से 10वीं की परीक्षाऐं आरभ हो रही हैं।
परीक्षा देने के लिए राजस्थान हरियाणा बार्डर से लगते हुए गांवों के विद्यार्थियों को सैंकड़ों किलोमीटर की दूरी तय करके पलवल जिले में परीक्षाऐं देनी होंगी। काफी विद्यार्थियों ने चिट्ठी लिखकर अल्पसंयक मंत्रालय व मानव संसाधन मंत्रालय से परीक्षा केन्द्र मेवात में देने की मांग की है।
खासबात ये है कि पिछली बार की भांति सैंकड़ों विद्यार्थियों ने इस बार परीक्षाओं का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। परीक्षाऐं दोपहर बाद ढ़ाई बजे से साढ़े पांच बजे तक होती हैं। पलवल और मेवात के बीच परिवहन सेवा पांच बजे के बाद नहीं है।
मौजूदा वक्त में अध्ययन केन्द्र भादस, उजीना और पिनगवां में जरूर दिये हैं। लेकिन परीक्षा केन्द्र मेवात के किसी भी स्कूल में नहीं आया है। कुछ विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय अल्पसंयक आयोग को पत्र भेजा है। 10वीं और 12वीं की परीक्षाऐं 27 सितबर से 4 नवबर 2016 तक होंगी।
दसवीं कक्षा के विद्यार्थी अनीश, समीम, रजिया, शमशाद ने कहा कि बहिष्कार के अलावा हमारे पास कोई रास्ता नहीं बचा है। मेवात रोड़वेज विभाग के प्रबंधक बताते हैं कि पांच बजे के बाद पलवल जिले के लिए मेवात से कोई रोडवेज की बस नहीं चलती है।
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के चैयरमेन नसीम अहमद ने कहा कि अल्पसंख्यक जिला होने के नाते परीक्षा केन्द्र मेवात में ही आना चाहिए। इस मामले में मानव संसाधन विकास मंत्रालय से बात करेंगे।
चंड़ीगढ़ रीजनल डारेक्टर टीएन गिरी ने बताया कि कई परीक्षा केन्द्र मेवात में बनाने की सूची कार्यालय की तरफ से मुख्य कार्यालय को भेजी गई थी। एनआईओएस नोएडा के उपनिदेशक आरडी महापात्रा ने फोन पर बताया कि ये काम क्षेत्रिय निदेशक कार्यालय का है। परीक्षाऐं कल से शुरू हो रही हैं इसलिए मैं कुछ ज्यादा नहीं कहना चाहता।