देशभर में सीबीएसई से संबंद्ध स्कूलों के बच्चों के नौवीं का रिजल्ट (ग्रेड) दसवीं की ग्रेड शीट (ग्रेड शीट कम सर्टिफिकेट ऑफ परफॉरमेंस) में नहीं जुड़ेगा। अब तक दसवीं के नतीजों में नौवीं के ग्रेड भी जोड़कर ग्रेड शीट जारी की जाती थी। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड इस साल से यह प्रावधान करने जा रहा है।
यह प्रावधान बोर्ड बेस्ट व स्कूल बेस्ड दोनों तरह के बच्चों पर लागू होगा। दरअसल, इस साल (वर्ष 2017) से दसवीं का सीसीई (सतत एवं समग्र मूल्यांकन) का रिजल्ट ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से एकत्र होगा।
वहीं अब नौवीं में फेल होने वाले छात्रों को दसवीं में प्रमोट भी नहीं किया जाएगा। ऐसे में स्कूलों को इस संबंध में जानकारी भेज दी गई है। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(सीबीएसई) की ओर से स्कूलों को सलाह दी गई है कि कक्षा नौवीं के लिए समेटिव असेसमेंट (एसए) व फॉरमेटिव असेसमेंट(एफए) पहले की तरह ही सही तरीके से हों।
स्कूलों को स्पष्ट कर दिया गया है कि नौवीं में फेल होने वाले छात्रों को दसवीं में प्रमोट नहीं किया जाएगा। जहां तक दसवीं के सह-शैक्षिक क्षेत्रों के रिजल्ट के लिए प्रमाण-पत्र की बात है तो इसके लिए स्कूल अलग से प्रमाणपत्र (सहशैक्षिक ग्रेड सर्टिफिकेट) जारी करेंगे।
बोर्ड ने दसवीं के ऑनलाइन रिजल्ट(एफए व एसए) का डाटा लेने के लिए भी स्कूलों को कहा गया है कि वह इसकी जानकारी 20 मार्च से 20 अप्रैल तक भेज देंगे। जो स्कूल समय से यह डाटा अपलोड नहीं करेंगे उनपर अलग-अलग मदों में जुर्माना लगाया जाएगा।
मसलन स्कूल एफए व एसए के डाटा की मूल प्रति में सुधार चाहेगा तो उसे प्रति छात्र 1000 हजार रुपये का भुगतान करना होगा। वहीं यदि वह एफए व एसए का 15 दिन की देरी से देगा तो 5000 हजार रुपये, 30 की देरी पर 10 हजार, 45 की देरी पर 15 हजार व 60 दिन की देरी पर 20 हजार का जुर्माना देना होगा।
स्कूलों को साल भर के चार एफए के संयुक्त अंक लेकर 40 में से ऑनलाइन देने होंगे। वहीं एसए1 व एसए-2 के30-30 अंकों में से देने होंगे। यदि छात्र बोर्ड बेस्ट(एसए-2) वाला हो तो उसके अंकों के आगे उन्हें बीसी लिखना होगा।