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भारंगम में पहुंचे नवाजुद्दीन ने कहा, मुंबई में बुरे दिने गुजारे फिर भी हार नहीं मानीं

Tue, 07 Feb 2017 11:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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navajuddin - फोटो : अमर उजाला
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भारत रंग महोत्सव (भारंगम) में रविवार को एक विदेशी समेत पांच नाटकों का मंचन किया गया। वहीं, रविवार का दिन एनएसडी के पूर्व छात्र और बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बना चुके अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दकी के नाम रहा। नवाजुद्दीन महोत्सव के इंटरफेस कार्यक्रम में पहुंचे और एनएसडी में गुजारे दिनों की बातें करते हुए कहा कि वे थियेटर को याद करते हैं। समय मिलेगा तो वे दोबारा थियेटर में काम करना चाहेंगे।
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नवाजुद्दीन सिद्दकी ने सवालों के जवाब देते हुए कहा कि एनएसडी ने मुझे आत्मविश्वास और भरोसा दिया है। मुंबई में जब मैंने बुरे दिन गुजारे, तब भी एनएसडी की वजह से ही हार नहीं मानी। क्योंकि मुझे पता था कि मैं एनएसडी से ग्रेजुएट हूं, तो सफलता मिलेगी ही। नवाजुद्दीन ने कहा कि अगर उन्हें एक्टिंग को और बेहतर बनाने का मौका मिलेगा, तो वे अपने स्टारडम को भी किनारे रख देंगे। उन्होंने महोत्सव में आए लोगों के सवालों के खुलकर जवाब दिए। 



रविवार को भारंगम की शुुरुआत ‘वेलकम जिंदगी’ नाटक के मंचन से हुई। सुरेश भारद्वाज द्वारा निर्देशित और सौम्य जोशी के लिखे इस नाटक की कहानी मुंबई के एक सामान्य परिवार की है, जिसमें एक पिता-पुत्र के बीच विचारों के मतभेद से मनभेद होता है।
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इसमें एक मां दोनों के बीच पुल की तरह काम कर रही है। इसके अलावा ‘हंडाभर चंदाया’ का मंचन किया गया। सचिन शिंदे के निर्देशन में मंचित इस नाटक में दिखाया गया है कि एक गांव में पानी की समस्या को सुलझाने के लिए किस तरह इलाके के डीएम का अपहरण कर लिया जाता है। इसके अलावा एनएसडी निदेशक के नाटक मोहे पिया, अफगानिस्तानी नाटक स्टैच्यू का भी मंचन किया गया।
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