दिल्ली विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स कोटे से दाखिला लेने के लिए जहां कुछ छात्र पसीना बहा रहे हैं, वहीं कुछ छात्र ऐसे भी हैं जो बिना फिटनेस टेस्ट दिए ही ट्रायल के लिए पहुंच रहे हैं। जब से स्पोर्ट्स के लिए फिटनेस टेस्ट व ट्रायल की प्रक्रिया शुरू हुई है, तब से रोजाना ऐसे 2-4 छात्र स्पोर्ट्स काउंसिल में आ रहे हैं। काउंसिल ऐसे छात्रों से परेशान हैं। काउंसिल की सलाह है कि छात्र एक बार वेबसाइट जरूर देखें जिससे कि उन्हें अपने टेस्ट व ट्रायल की तिथि के बारे में पता चल सके।
स्पोर्ट्स काउंसिल के अध्यक्ष प्रो. सी.एस दुबे ने बताया कि ट्रायल व फिटनेस टेस्ट शुरू होने से पहले ही सभी खेलों के स्थान व तिथि की जानकारी वेबसाइट पर डाल दी थी। बावजूद कुछ छात्र फिटनेस टेस्ट दिए बिना ही ट्रायल देने पहुंच रहे हैं। जब उनसे पूछा जाता है कि प्रदत्त तिथि पर क्यों नहीं आतेे तो वह अलग-अलग बहाने बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसा संभव ही नहीं कि फिटनेस टेस्ट लिए बिना किसी छात्र को ट्रायल प्रक्रिया में शामिल किया जाए। क्योंकि खेल कोटे से दाखिले के लिए फिटनेस टेस्ट एक योग्यता टेस्ट होता है। इसे पास करना जरूरी है। इस बार ऑनलाइन प्रक्रिया होने के कारण किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं की जा सकती है।
साथ ही पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। किस खेल के लिए कब ट्रायल व फिटनेस टेस्ट होना है, इसकी जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध है। कौन छात्र योग्य है और कौन अयोग्य? इस बात की जानकारी भी अपलोड की गई है। उल्लेखनीय है कि ट्रायल व फिटनेस टेस्ट की प्रक्रिया आगामी 2 जुलाई को संपन्न हो जाएगी।