हाल ही में चयनित हुए जेबीटी टीचर्स में से मेवात को सरकार ने 314 अध्यापक दिए। नूंह ब्लॉक को 183 तो तावडू को मात्र 22 अध्यापक मिले हैं। जबकि फिरोजपुर झिरका एवं पुन्हाना के हिस्से में भी कम अध्यापक ही आए हैं।
बता दें कि मेवात जिला के राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं में जेबीटी अध्यापकों के 1093 पद रिक्त हैं। हालांकि प्रदेश सरकार ने हाल ही मेें चयनित किए गए जेबीटी अध्यापकों में से 887 अध्यापकों को मेवात में भेजा था।
लेकिन इनमें से काफी अध्यापक ऐसे थे जिनका हरियाणा कैडर के साथ-साथ मेवात में भी चयन हो गया था। इनमें से 563 अध्यापक अपनी मर्जी से प्रदेश के अन्य जिलों में चले गए। जबकि मेवात जिला को मात्र 314 ही जेबीटी अध्यापक मिले।
शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार जेबीटी अध्यापकों के मेवात में रिक्त पड़े 1093 पदों के लिए मात्र 314 जेबीटी टीचर मिलना और इनके बाद भी स्कूलों में 779 जेबीटी अध्यापकों के पद रिक्त रह गए।
मेवात जिले को मिले 314 जेबीटी अध्यापकों की जब काउंसलिंग की गईतो अधिकांश अध्यापकों को नूंह ब्लाक ही पसंद आया। नूंह ब्लाक को सबसे ज्यादा 183, नगीना ब्लाक को 47, फिरोजपुर झिरका ब्लाक को 29, पुन्हाना ब्लाक को 23 एवं तावडू ब्लाक को मात्र 22 जेबीटी अध्यापक मिले हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि इतनी ज्यादा संख्या में जेबीटी अध्यापकों की कमी के चलते राजकीय स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों की शिक्षा पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
भाग के किसी भी अधिकारी को कोई अधिकार नहीं है कि वह बिना अध्यापकों की अनुमति के उनको स्टेशन दे सकता। इन्हीं अध्यापकों से ही बेहतर शिक्षण कार्य करवाया जाएगा।
डॉ, दिनेश शास्त्री, जिला शिक्षा अधिकारी नूंह।