सांसद विजय गोयल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री स्मृति ईरानी से मुलाकात की। उनसे दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में दाखिलों में दिल्ली के छात्रों को प्राथमिकता व पांच प्रतिशत छूट की मांग की । हालांकि, स्मृति ईरानी ने स्पष्ट कर दिया कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी होने के कारण उनका मंत्रालय इसमें कोई दखल नहीं दे सकता। ऐसे में दिल्ली सरकार और दिल्ली यूनिवर्सिटी ही इस मुद्दे पर कोई निर्णय ले सकती है।
गोयल के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री के समक्ष तीन मांगे रखीं। पहला, दिल्ली विश्वविद्यालय में एक योग्यता परीक्षा होनी चाहिए। ताकि, मेरिट पर दाखिले हो सकें व फर्जी छात्र दाखिला न ले सकें।
दूसरा, दिल्ली सरकार के 12 कॉलेजों में 85 प्रतिशत सीटें दिल्ली के छात्रों के लिए आरक्षित हों। तीसरा, दिल्ली के छात्रों को कट ऑफ लिस्ट में पांच प्रतिशत की छूट प्रदान की जाए।
गोयल ने शिक्षा मंत्री को यह भी सुझाव दिया कि दिल्ली, मुंबई के प्रतिष्ठित कॉलेजों की शाखाएं देश के हर राज्य में खोली जानी चाहिए।
हालांकि, स्मृति ईरानी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट्रल यूनिवर्सिटी होने का हवाला देकर हस्तक्षेप करने में असमर्थता जता दी। विजय गोयल अब इन मांगों को लेकर पुन: डीयू के उपकुलपति प्रो. योगेश त्यागी और दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया से मिलेंगे।