जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में जुलाई सत्र में एमफिल और पीएचडी प्रोग्राम में सीट सिर्फ लिखित परीक्षा से ही नहीं इंटरव्यू भी पास करने से ही मिलेगी। जेएनयू प्रबंधन ने शुक्रवार को आयोजित दाखिला कमेटी की बैठक में दाखिला नियमों में बदलाव कर दिया है, जोकि इसी सत्र से लागू होगा। हालांकि छात्रों को राहत देने के लिए इंटरव्यू के दौरान एससी-एसटी कमेटी का पर्यवेक्षक निगरानी रखेगा, जोकि संबंधित स्कूल या प्रोग्राम का नहीं, बल्कि अन्य सेंटर का होगा।
जेएनयू में एमफिल और पीएचडी प्रोग्राम में पहले छात्रों को लिखित परीक्षा पास करनी होगी। इस लिखित परीक्षा को पास करने के आधार पर ही चयनित छात्र इंटरव्यू के लिए जा सकेगा। पहले 70नंबर की लिखित और 30 नंबर का इंटरव्यू होता था, जिसके आधार पर सीट कंफर्म होती थी। हालांकि नए नियम में लिखित परीक्षा पास करने पर छात्र क्वालिफाई करेगा, लेकिन सीट कंफर्म सौ नंबर के इंटरव्यू को पास करने पर ही मिलेगी।
जेएनयू के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि छात्रों को किसी प्रकार की दिक्कत या भेदभाव न हो, इसके लिए इस इंटरव्यू के दौरान एससी-एसटी कमेटी का पर्यवेक्षक भी तैनात किया जाएगा। यह पर्यवेक्षक इस बात को सुनिश्चित करेगा कि छात्र के साथ जाति, रंग या इलाके के आधार पर भेदभाव न हो। हालांकि जिस डिग्री प्रोग्राम में इंटरव्यू चल रहा होगा, उसमें कमेटी किसी अन्य स्कूल या सेंटर की भेजी जाएगी।
बता दें कि छात्र पहले ही इंटरव्यू के अंक कम करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। हालांकि विश्वविद्यालय प्रबंधन ने छात्रों के विरोध के बाद भी नए नियम केएजेंडे को पास कर दिया है।