जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) प्रशासन ने कैंपस व छात्रावास में असुविधाओं को लेकर किए जा रहे प्रचार को एक सीमित वर्ग की करतूत बताई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग अपने फायदे के लिए यह दुष्प्रचार कर रहे हैं।
विश्वविद्यालय ने साफ किया है कि छात्रावास में हो रहे गैरकानूनी कामों को लेकर उनका औचक निरीक्षण का अभियान आगे भी जारी रहेगा। जेएनयू के स्टूडेंट डीन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन कैंपस, छात्रावास और जेएनयू रेजीडेंट्स के लिए बेहतरीन सुविधाएं दे रहा है।
फिर कैंपस में ई-रिक्शा का ट्रायल रन शुरू किया है। इसके अलावा बेहतर पर्यावरण के लिए 600 अलग-अलग पेड़ व पौधे लगाए गए हैं। सभी सड़कों का निर्माण किया गया है ताकि आवाजाही बेहतर हों। जेएनयू के अधिकांश लोगों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के इस कदम की सराहना की।