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हाईकोर्ट का आदेश थैलेसीमिया पीड़ित छात्र को MBBS में दाखिला दे IPU

Sun, 22 Oct 2017 03:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली उच्च न्यायालय ने इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय को थैलेसीमिया से पीड़ित एक छात्र को एमबीबीएस पाठ्यक्रम में दाखिला देने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति इन्द्रमीत कौर ने यह निर्देश रक्त विकार से पीड़ित छात्र की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया है।
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छात्र ने तर्क रखा था कि कानून के तहत थैलेसीमिया बीमारी मान्यता प्राप्त विकलांगता में से एक है और विकलांग व्यक्तियों को पीडब्ल्यूडी श्रेणी के तहत दाखिले से इनकार नहीं किया जा सकता।

अदालत ने कहा याचिकाकर्ता छात्र राहत पाने का हकदार हैं। वह विश्वविद्यालय को अपने तीन कॉलेजों में उसे एमबीबीएस कोर्स में दाखिले का निर्देश देती है। अदालत ने कहा कि यह एक ऐसे उम्मीदवार का मामला था, जिसे अकेले पीडब्ल्यूडी श्रेणी में प्रवेश के अधिकार से वंचित रखा गया था।
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परिणाम 23 जून को घोषित किए गए थे

- फोटो : SELF
​अदालत ने पाया कि याची की स्थिति 16 जुलाई 2017 को सामान्य श्रेणी से पीडब्ल्यूडी में बदल गई थी और उन्होंने 24 जुलाई और 12 अगस्त को काउंसलिंग के दो दौर में भाग लिया था।

अदालत ने विश्वविद्यालय के उस तर्क को खारिज कर दिया कि काउंसलिंग के दूसरे दौर के समय में पीडब्लूडी की कोई श्रेणी नहीं थी। कोर्ट ने कहा अगर यह सच था तो याची को इसमें भाग लेने की अनुमति क्यों दी गई थी।

याची छात्र ने इस साल मार्च में अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित सामान्य श्रेणी के तहत राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा 2017 में शामिल होने के लिए फार्म भर दिया था और परिणाम 23 जून को घोषित किए गए थे।

हालांकि उसे बाद में नए कानून के बारे में पता चला और अधिकारियों के सामने 5 जुलाई को आवेदन देकर स्वयं को सामान्य श्रेणी से पीडब्ल्यूडी को बदलने का आग्रह किया था। अधिकारियों ने उसके आवेदन को स्वीकार कर लिया था। उन्होंने कहा कि बावजूद इसके उनका नाम पीडब्ल्यूडी श्रेणी की सूची में नहीं रखा गया।
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